फतेहपुर। सुबह और शाम को गलन होने से ठंड और बढ़ गई है। दिन में कुछ समय के लिए निकली धूप से लोगों को राहत जरूर मिली लेकिन सर्द पछुआ हवा के कारण ठंड का असर पूरे दिन बना रहा। शाम होते ही लोग अलाव तापते नजर आए।
कड़ाके की ठंड के चलते सड़कों पर आवाजाही कम रही। न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर सात डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार को एक से दो घंटे तक धूप खिली। इससे लोग छतों और घरों के बाहर बैठकर धूप लेते नजर आए। हालांकि सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
ललौली क्षेत्र की गृहिणी संगीता देवी के अनुसार धूप निकलने पर घरेलू कामकाज में कुछ सहूलियत मिली लेकिन शाम ढलते ही ठंड बढ़ गई। सदर बाजार के दुकानदार इरफान अली ने बताया कि ठंड के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या कम रही।
जिला अस्पताल की ओपीडी पर भी दिखा ठंड का असर, कम पहुंचे मरीज
ठंड का असर जिला अस्पताल की ओपीडी पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को ओपीडी में कुल 926 मरीज पहुंचे। इनमें सर्दी-जुकाम और बुखार के 245, सांस रोग के 96, बदन दर्द के 158, पेटदर्द के 54, त्वचा रोग के 210 और हड्डी रोग के 163 मरीज शामिल रहे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ठंड के चलते मरीजों की संख्या अन्य दिनों की तुलना में कम रही। सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़े मरीजों की संख्या अधिक बनी हुई है। जिला अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि लगातार बढ़ रही ठंड से मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
कोहरे और शीतलहर ने किसानों की बढ़ाई परेशानी
कृषि वैज्ञानिक जगदीशचंद्र किशोर ने बताया कि दिन में मिलने वाली धूप रबी फसलों के लिए फायदेमंद है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को फसलों की निगरानी में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पिछले पखवाड़े से पड़ रही ठंड और कोहरे ने किसानों को हलाकान कर रखा है। दलहनी, तिलहनी और आलू की फसलों को कोहरे से नुकसान हो रहा है। मकर संक्रांति तक मौसम में सुधार की उम्मीद है। इससे परेशान किसानों को राहत मिलने की आशा है।
फोटो-12- फतेहपुर कानपुर हाइवे में सुबह कुछ ऐसा छाया रहा कोहरा। संवाद
फोटो-12- फतेहपुर कानपुर हाइवे में सुबह कुछ ऐसा छाया रहा कोहरा। संवाद