फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के गयादीन मार्ग से अस्ती रोड के जंगल में हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई। वारदात से पहले उसे जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में उसके सिर के पिछले हिस्से में तमंचा सटाकर गोली मार दी गई।
गोली सिर के अंदर ही फंस गई। पोस्टमार्टम में गोली मिलने के बाद उसे सुरक्षित रखा गया है। अल्कोहल और अन्य जांच के लिए डॉक्टर ने विसरा भी सुरक्षित किया है। पुलिस गोली को 315 बोर के तमंचे की मानकर जांच में जुटी है।
राधानगर थाना क्षेत्र के खुशवंतराय नगर निवासी रामप्रकाश शहर के नासिरपीर स्थित एक मकान में किराये पर रहता था। 30 जुलाई की सुबह उमरापुर मोड़-अस्ती मार्ग के जंगली रास्ते पर उसका शव मिला था। शव सड़क पर पड़ा था। पैरों में चप्पल थी। शरीर और चेहरे पर संघर्ष के निशान नहीं थे तथा कपड़े भी सुरक्षित थे। केवल सिर के पिछले हिस्से में गोली लगने का घाव मिला।
क्राइम सीन के आधार पर पुलिस का मानना है कि रामप्रकाश नशे में होने के कारण हमले का विरोध नहीं कर सका और गोली लगते ही सड़क पर गिर पड़ा। यदि संघर्ष हुआ होता तो शरीर पर अन्य चोटें, फटे कपड़े या चप्पलें इधर-उधर बिखरी मिलतीं। घटनास्थल से तीन डिस्पोजल गिलास मिलने पर पुलिस को आशंका है कि वारदात के समय उसके साथ दो से तीन अन्य लोग मौजूद थे।
पहले शराब पिलाकर बेसुध किया गया और फिर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक साथी युवक और महिला मित्र को हिरासत में लिया है। महिला मित्र और उसके परिवार से भी पूछताछ की गई है। फिलहाल पुलिस महिला या उसके किसी सहयोगी की भूमिका की पुष्टि नहीं कर सकी है। साथी युवक से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई है। सिर के पीछे सटाकर गोली मारी गई है। मोबाइल सीडीआर की जांच के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
अपराध का रास्ता चुनने से बहुत रोका, पर नहीं माना
पिता रामसजीवन गुप्ता ने बताया कि रामप्रकाश उनकी इकलौती संतान था। उन्होंने कई बार उसे आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी लेकिन उसने कभी उनकी बात नहीं मानी। उनका कहना है कि नशे की लत के कारण वह अपराध की दुनिया में चला गया था। इससे परेशान होकर उन्होंने भी उससे दूरी बना ली थी।
वारदात स्थल पर आम लोगों का नहीं होता आना-जाना
शहर से दूर स्थित वारदात स्थल पर सामान्यतः स्थानीय ग्रामीणों के अलावा किसी का आना-जाना नहीं होता। स्थानीय लोगों के अनुसार रात में यहां पूरी तरह सन्नाटा रहता है। ऐसे में आशंका है कि आरोपियों ने सुनसान स्थान का फायदा उठाकर रात में वारदात को अंजाम दिया।
गांजा तस्करी से जुड़ा हो सकता है हत्याकांड
पुलिस गांजा तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है। चर्चा है कि रामप्रकाश गुप्ता पिछले कुछ समय से एक व्यक्ति के साथ गांजा सप्लाई के धंधे से जुड़ा था। लेनदेन या किसी अन्य विवाद के चलते भी उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
हिस्से में मिले 27.50 लाख से कानपुर में खरीदा था प्लॉट
करीब दो से ढाई साल पहले रामप्रकाश की जिद पर उसके पिता ने खुशवंतराय नगर का मकान 70 लाख रुपये में बेच दिया था। इसमें उसके हिस्से में करीब 37 लाख रुपये आए थे। उसने बेटी के नाम करीब 10 लाख रुपये के बीमा पॉलिसी बॉन्ड खरीदे थे। शेष 27.50 लाख रुपये से ढाई लाख रुपये की बुलेट, करीब ढाई तोले की सोने की चेन खरीदी और महिला मित्र के नाम पर कानपुर के कोयला नगर में एक प्लॉट भी लिया था।