हसवा। आंबापुर में स्कूली बच्चों को लेकर जा रहे ऑटो के दुर्घटना का मुख्य कारण विपरीत दिशा से जाना था। इससे यहां आए दिन हादसे होते हैं। साइड लेन का निर्माण कार्य तीन साल से अधूरा पड़ा है।
एमएफ माडर्न स्कूल में दनियालपुर व आंबापुर के ज्यादा बच्चे पढ़ते है। स्कूल प्रबंधन की ओर से उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। अभिभावकों से फीस लेकर ऑटो से बच्चों को लाया जाता है। शनिवार को ऑटो चालक कम दूरी तय करने की सोचकर हसवा पुल से गलत दिशा से चला गया। तभी आंबापुर हाईवे पर सामने से आ रहे एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
आंबापुर में साइड लेन बनने में लंबे समय से हीलाहवाली हो रही है। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर केवल यही एक कस्बा है, जहां काम नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय लोग रोजाना गलत दिशा से चलकर घर पहुंचते हैं। स्कूल वाहन को दनियालपुर व आंबापुर जाने के लिए थरियांव तक करीब 12 किमी दूरी तय करनी होती है। इससे बचने के लिए गलत दिशा से वाहन गुजरते हैं।