औंग। थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग छात्रा पर दुष्कर्म का आरोपी पहले से बुरी नीयत रखता था। वह कई दिनों से नाबालिग की तलाश में था, लेकिन अन्य छात्राओं के साथ विद्यालय आने-जाने के कारण मौका नहीं मिला।
छात्रा का पिता मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। छात्रा मां के साथ गांव में रहती है। छात्रा का मकान खेतों पर बना है। वह मां के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बटांती है। 28 अगस्त को घर के काम की वजह से विद्यालय जाने में छात्रा को देर हो गई थी। इसी वजह से अकेले विद्यालय को जा रही थी। दुष्कर्म का आरोपी आदर्श (22) तीन भाइयों में छोटा है। सभी अविवाहित हैं।
गांव में आरोपी के भाइयों व पिता की हनक है। छात्रा गरीब तबके से तालुक रखती है। आरोपी हनक के चलते दुष्कर्म कर दबाना चाह रहा था। तभी छह घंटे तक नलकूप की कोठरी में छात्रा को बंधक बनाए रखा। नाबालिग छात्र सहमी हुई थी। इसी वजह से उसने घर पर भी आपबीती नहीं बताई थी। तीन दिन विद्यालय भी नहीं गई। मां ने गंभीरता समझते हुए बेटी को समझा बुझाकर पूछा, तो उसने दुष्कर्म के आरोपी के नाम का खुलासा किया और आपबीती बताई।