किशनपुर। कस्बे की ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ शुक्रवार से मुकुट पूजन के साथ हुआ। यह परंपरा 242 वर्ष पूर्व वाराणसी से आए संत फाल्गुन गिरि महाराज की ओर से शुरू कराई गई थी।
रामलीला अध्यक्ष उत्तम सिंह ने बताया कि इस बार लीला मैदान की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। रामलीला 13 अक्तूबर तक चलेगी, जबकि मेला भाई दूज तक सजेगा। यमुना तट से लेकर रामलीला मैदान और फाल्गुन गिरि बाबा मंदिर तक मेला क्षेत्र विस्तृत रहेगा। सात अक्तूबर को रावण वध होगा।
30 दिन चलेगा भंडारा, सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
रामलीला के दौरान पूरे महीने फाल्गुन गिरि बाबा मंदिर में भंडारा चलेगा। बांदा, कौशांबी, प्रयागराज और चित्रकूट से साधु-संत यहां आते हैं। कस्बे की 20 हजार आबादी में करीब दो हजार मुस्लिम रहते हैं, जो आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। भीमा, आशिफ खान, मोहम्मद, मुन्ना अहमद और सैफ राइन समेत कई मुस्लिम नागरिक रामलीला की तैयारियों से लेकर संचालन तक में जुटे हैं, जो इस आयोजन को भाईचारे की मिसाल बनाते हैं।
मेले के मुख्य कार्यक्रमों की तिथियां
- धनुष भंग की लीला 29 सितंबर।
- दशहरे पर दो अक्तूबर को शोभायात्रा।
.-सीता हरण की लीला तीन अक्तूबर।
- रावण वध के साथ विशाल जुलूस सात अक्तूबर।
- कवि सम्मेलन आठ अक्तूबर।
- दंगल और नाटक राजा हरिश्चंद्र नौ अक्तूबर।