फतेहपुर। जिले की स्थापना को इस बार 199 वर्ष पूरे हो रहे हैं और 10 नवंबर को इसे धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर को सम्मानजनक तरीके से मनाने की मांग को लेकर युवा विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि जनपदर का इतिहास, संस्कृति और शौर्य गाथाएं जिले की पहचान हैं। यहां के पौराणिक स्थल, धार्मिक धरोहरें और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा पीढ़ी को जिले की गंगा-जमुनी तहजीब और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि स्थापना दिवस पर सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में जिले के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित गोष्ठियां, प्रदर्शनी और निबंध प्रतियोगिताएं शामिल हों। ज्ञापन देने वालों में विकास श्रीवास्तव, श्याम तिवारी, जगन्नाथ द्विवेदी और संजय दत्त द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
इसलिए, खास है फतेहपुर
स्थापना वर्ष : 1826
ऐतिहासिक पहचान - जनपद को स्वतंत्रता संग्राम में वीर बलिदानों और सांस्कृतिक योगदान के लिए जाना जाता है।
प्रमुख स्थल- बकेवर का जगन्नाथ धाम, भिटौरा तीर्थ, अष्टभुजी देवी धाम और अमौली का किला।
गौरवशाली परंपरा - जिले ने गंगा-जमुनी तहजीब और साहित्य-संस्कृति में भी अपना अलग स्थान बनाया है।
फोटो-13-एडीएम को ज्ञापन देते युवा विकास समिति के लोग। स्रोत स्वयं- फोटो : udhampur news