हसवा (फतेहपुर)। कस्बे में संचालित एक काॅन्वेंट स्कूल के बच्चों को लेकर आ रहा टेंपो पेड़ से जा टकराया। चालक नौसिखिया बताया जा रहा है। हादसे से बच्चों में खलबली मच गई। एक-दूसरे पर गिरने और टेंपो के हिस्सों से टकराने से बच्चे घायल हो गए। नजदीक के नर्सिंग होम में बच्चों को भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद घर जाने दिया गया। एक छात्रा को नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है। थरियांव थानाक्षेत्र अंतर्गत हसवा कस्बा में केके चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल संचालित है। स्कूल से बच्चों को नियमित रूप से लेने और छोड़ने के लिए एक टेंपो लगा है। टेंपो चालक अबदुल्लापुर घूरी गांव से बच्चों को बैठाकर दूसरे गांव जा रहा था। अबदुल्लापुर घूरी मोड़ पर टेंपो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। बच्चे एक दूसरे पर गिरे। टेंपो के अंदर टकराने से चोटिल हो गए। हादसा देखकर गांव के लोग दौड़कर पहुंचे।
रोते-बिलखते बच्चों को बाहर निकाला गया। स्कूल प्रशासन और परिजन पहुंचे। प्रबंधक अवनीश सिंह ने बच्चों को आमापुर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। हादसे में घूरी गांव की शिवानी पुत्री पवन, मनीष, वैष्णवी पुत्री सुशील, रश्मी पुत्री सुशील, खुशबू पुत्री रहिमाल, नेहा व वृद्धा शिवदुलारी घायल हो गईं। तीन छात्रों को मामूली चोट आई। तीनों मौके से घर चले गए। वृद्धा को जिला अस्पताल व शिवानी को शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। महिला हसवा बाजार जाने के लिए गांव से टेंपो पर बैठ गई थी। गनीमत रही कि टेंपो पेड़ से टकराने के बाद खंती में पलटा नहीं। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे में लापरवाही यह रही कि टेंपो चालक पिता को गाड़ी चलाना सिखा रहा था। चालक ने बच्चों को लेने के लिए पिता को भेजा था।
इस बात पर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर नाराजगी जताई। स्कूल प्रशासन अभिभावकों को संतुष्ट करने उनके घर पहुंचा। हसवा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टेंपो को चौकी में खड़ा कराया है। थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने बताया कि तहरीर आने पर हादसे की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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टेंपो जांच में अनफिट मिला
पीटीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि टेंपो विजय कुमार पुत्र शिवबाल निवासी हसवा के नाम पंजीकृत है। टैक्स, बीमा, परिमिट के कागजात पूरे हैं। टेंपो की फिटनेस जून 2023 को खत्म हो चुकी है। टेपों का फिटनेस न होने पर 12 अगस्त 2023 को चालान हुआ था। इसके बाद भी चालक ने फिटनेस नहीं कराई।
आए दिन हादसे, बरती जा रही लापरवाही
खुले वाहनों से स्कूली बच्चों के परिवहन पर सख्त रोक लगी है। स्कूल प्रशासन ऐसे निजी वाहनों से हादसे के बाद पल्ला झाड़ लेते हैं। हादसा होने पर अभिभावकों को झेलना पड़ता है। शहर में चार दिन पहले अपने ही स्कूल की बस से चालक की लापरवाही के कारण पांच साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके पहले 11 अप्रैल को छात्रा का हाथ बस से कुचल गया था। हादसों के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावक सबक नहीं ले रहे हैं।