फोटो-04- गोहरारी में खेत में गिरी पड़ी गेहूं की फसल। संवाद
फोटो-05- बुढ़वा में खेत में उगी मूंग की फसल। संवाद
-देर रात से लेकर सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश, जिले के 337 गाटों का हुआ सर्वे
-कृषि विभाग के पास अब तक 904 किसानों ने फसल बर्बादी की दर्ज कराई शिकायत
संवाद समाचार एजेंसी
फतेहपुर। जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश व तेज हवा ने किसानों की परेशानी को कई गुना तक बढ़ा दिया है। ज्यादातर किसान कुदरत की मार से लगातार कर्जदार होते जा रहे हैं। वहीं अब तक प्रशासन की ओर से जिले में 337 गाटों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। अब तक हुए सर्वे में मौसम की सबसे ज्यादा मार तेलियानी ब्लॉक पर पड़ी है। विभाग के मुताबिक आंधी-पानी में अब तक हुए सर्वे में करीब 30 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। इसमें तेरियानी के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
मंगलवार शाम से ही मौसम खराब था। देर रात से लेकर सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश से खेतों पड़ी फसल पूरी तरह से भीग गई है। इसके चलते किसानों को तपड़ा झटका लगा है। अमौली के किसान रघुनाथ सिंह ने बताया कि 40 हजार रुपये कर्ज लेकर खेत में गेहूं की बोआई की थी। सोचा था कि गेहूं बेच कर मुनाफे की रकम अदा कर देंगे,लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। बारिश ने सारे अरमान फीके कर दिए।
इसी तरह गोहरारी के किसान ओंकार पांडेय ने बताया कि 12 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार खेतों में खड़ी थी लेकिन बारिश के साथ तेज हवाओं से फसल गिर चुकी है। अब अगर मौसम साफ भी होगा तो 50 फीसदी ही गेहूं निकलेगा और काला हो जाने से सरकारी खरीद भी प्रभावित होगी। रनूपुर के किसान मनोज उत्तम व सरहन बुजुर्ग के दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सप्ताह में पांच बार मौसम खराब होने के कारण 20 बीघा गेहूं की कटाई-मड़ाई का कार्य बाधित है। मौसम का यही हाल रहा तो पूरा गेहूं खेत में ही सड़ जाएगा।
वहीं, कृषि विभाग के पास अब तक 904 किसानों ने फसल बर्बादी की शिकायत दर्ज कराई है। इसमें से 337 गाटों का सर्वेक्षण कर लिया गया है जबकि और सर्वेक्षण अभी जारी है। यहां के गांव मेवली बुजुर्ग, चितौरा, कोराई, सेमराहटा, सनगांव सहित अन्य गांवों में किसानों को क्षति पहुंची है।
कीड़े खा जाएंगे पत्ती
बुढ़वा गांव के किसान हिमांशु सैनी, रानू मास्टर व चंदन सचान ने बताया कि 15 दिन पहले मूंग की बोआई की थी। बारिश होने से अब उसमें कीड़े लग जाएंगे जो सबसे पहले उगने वाली पत्ती को ही खा जाएगा। इससे फसल बर्बाद हो जाएगी। इस तरह हम सभी का पलेवा, जुताई, खाद बीज की लागत दो हजार प्रति बीघा का नुकसान हो जाएगा।
वर्जन
तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल को 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। कटी फसल का दाना काला पड़ने की आशंका है। इससे गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। किसानों को गेहूं का उचित दाम भी मिलना मुश्किल होगा। जिन किसानों का नुकसान हुआ है वे कृषि विभाग में सूचना दें।जगदीश चंद्र किशोर, कृषि वैज्ञानिक
बारिश व हवा की वजह से कई जगहों पर फसल गिर गई हैं। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। कई किसान प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। उनका सर्वेक्षण करा कर बीमा दिया जाएगा।-सत्येंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि