थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी 30 दिसंबर को लापता हो गई थी। किशोरी के पिता ने बिहार प्रांत के मोहम्मद समीर के खिलाफ पुत्री के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपी किशोरी के गांव में रहकर रजाई-गद्दे की भराई का काम करता है।
पुलिस ने किशोरी को 11 जनवरी को थाना क्षेत्र के अइमापुर चौराहे के पास खोज लिया। किशोरी ने बयान में पुलिस को बताया कि समीर ने खुद को पैसे वाला बताया था। उसे अच्छी शान शौक की जिंदगी का गुजारने का झांसा देकर ले गया था।
वह किसी परिचित के घर राजस्थान प्रांत के जयपुर ले गया। यहां दुष्कर्म किया। इसके बाद अपने घर बिहार प्रांत मधेपुरा जिला कुमारखंड थाना क्षेत्र के यदुवापट्टी ले गया। घर में पिता मो. सगीर के सहयोग से एक मस्जिद में उसका धर्मांतरण कराया। मस्जिद में ही मो. समीर ने उसके साथ निकाह किया। बिहार में भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
समीर के परिवार की स्थिति खराब होने पर वह घर लौट रही थी तभी रास्ते में उसे पुलिस मिल गई। विवेचक प्रशांत मिश्रा ने बताया कि किशोरी के बयान के बाद धर्मांतरण में सहयोग में आरोपी के पिता मो. सगीर को शिवपुरी तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी मो. समीर की तलाश की जा रही है।