फोटो-07-रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
हसवा। प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य मंच पर जैसे ही जीवंत हुआ दर्शक भावुक हो उठे। पूरा पंडाल जय श्रीराम और भरत ललिता राम की जय के नारों से गूंज उठा।
स्वामी चंद्र दास कमेटी की ओर से शनिवार शाम को नगर में भव्य झांकियां निकाली गईं। इनका जगह-जगह स्वागत हुआ। राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर भरत उनसे मिलने नंदीग्राम पहुंचे।
श्रीराम को सामने पाकर भरत की आंखें भर आईं और वे उनके चरणों में गिर पड़े। श्रीराम ने उन्हें गले लगाकर कहा, भाइयों में प्रेम ही सच्चा धर्म है। यह मार्मिक दृश्य देख दर्शकों की आंखें भी नम हो गईं। भावनाओं से भरे संवादों पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
रामलीला समिति अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, यह प्रसंग भक्ति, त्याग और भाईचारे की अद्वितीय मिसाल है। कलाकारों ने अभिनय से दृश्यों को जीवंत कर दिया।