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सुबह- शाम छुट रही सुरसरी, चार की मौत

Mon, 12 Dec 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
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सड़क पर कोहरे का एक नजारा - फोटो : Amar ujala
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सर्दी के तेवर तीखे हैं। सुबह -शाम मंद गति से चल रही हवाओं ने कोहरे के असर को कम कर दिया है, लेकिन गलन से सुरसुरी छूट रही है। ठंड से रविवार की रात और सोमवार शाम तक चार लोगों की मौत हो गई। हालांकि सोमवार दोपहर में कुछ देर के लिए हुई धूप से राहत मिली। सर्दी के तेवर तीखे होने से फसल को फायदा होना बताया जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्कूलों को मंगलवार से खोलने का  आदेश दिया है। अब स्कूल सुबह 10 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक खुले रहेंगे। दूसरी तरफ ट्रेनों की गति पर ब्रेक लग गया है। स्टेशन पर पहुंचने वालों को सुबह की गाड़ी शाम को मिल रही है।
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 सोमवार सुबह कड़ाके की सर्दी रही। लेकिन दोपहर में चटख धूप होने से राहत मिली। इस दौरान बूढ़े, बच्चे छत, घर के बाहर व मैदान में धूप का लुफ्त लेते नजर आए। दूसरी तरफ ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रविवार को आने वाले वाली अप लाइन की नंदनकानन ट्रेन दूसरे दिन सोमवार को स्टेशन आई।
चटख धूप ने भले ही आम जनमानस को राहत पहुंचाई हो। गरीबों की समस्याएं ठंड से कम नहीं हुई हैं। उनका दिन तो किसी तरीके से कट जाता है। सुबह और शाम वे परेशान हो जाते हैं। ठंड से बचने के लिए इनके पास पर्याप्त कपड़े भी नहीं हैं। दिसंबर का महीना 12 बीतने के बाद भी प्रशासन ने कंबल बांटने की प्रक्रिया नहीं शुरू की है। स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय में ताला बंद रहता है। इससे रात को ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। प्लेटफार्म में ही बैठ कर मुसाफिरों को ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। ठंडी से यह लोग ठिठुरते रहते हैं।
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चौरीचौरा, महानंदा रही रद्द
भीषण सर्दी में ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। रेलवे प्रशासन ने सोमवार को दो ट्रेनें रद्द कर दिया। इससे यात्रियों को सफर करने में परेशानी उठानी पड़ी। गोरखपुर से कानपुर जाने वाली चौरीचौरा और अप लाइन की महानंदा एक्सप्रेस रद्द रही। रेलवे प्रशासन ने चौरीचौरा को इलाहाबाद से ही गोरखपुर वापस कर दिया।

ट्रेनों की लेटलतीफी पर एक नजर
ट्रेन का नाम        देरी घंटे में
कालका            12
महानंदा            06
पुरुषोत्तम            11
संगम                13
जोधपुर हावड़ा        08
नंदनकानन            14
नार्थईस्ट            08

नंदन-कानन(दूसरे दिन)25
जोधपुर हावड़ा        06
तूफान            09
नार्थईस्ट            05
मुरी                06
कालका            05

 सर्दी के तेवर तीखे बने हुए हैं। रविवार शाम से सोमवार शाम तक चार लोगों की मौत हो गई। परिजन मरने की वजह सर्दी लगना बता रहे हैं।
असोथर प्रतिनिधि के मुताबिक असोथर कस्बा के मोटे महादेवन मुहल्ला निवासी तुलसी शरण की पत्नी रामदुलारी (72) को सुबह ठंड से पेट दर्द हुआ। उनके पुत्र गंगा विशुन, कल्लू ने कस्बा के ही नर्सिंग होम में इलाज कराया। घर लाने के बाद शाम को उनकी मौत हो गई। औंग प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के घोरहा गांव निवासी शंकर के पुत्र अमन (16) की रविवार को ननिहाल गोधरौली गांव में तबियत खराब हो गई। परिजनों ने आनन-फानन कानपुर रिजेंसी में भर्ती कराए। जहां सोमवार को इलाज के दौरान सुबह किशोर की मौत हो गई। औंग थाना क्षेत्र के ही कृष्णापुर निवासी ओम प्रकाश (50) रविवार की रात को फसल सिंचाई करने गए थे। परिजनों के मुताबिक ठंड लगने पर वह कांपते हुए वह घर आए। हालत गंभीर देख कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराए। आराम न मिलने पर लखनऊ पीजीआई लेकर जा रहे थे। रास्ते में मौत हो गई। उधर अमौली प्रतिनिधि के अनुसार चांदपुर निवासी हीरा सिंह की 16 वर्षीय पुत्री नीलम देवी शनिवार को मां कांती व छोटी बहन प्रांशी के साथ देर शाम तक खेतों में रही। घर लौटते समय उसकी हालत बिगड़ी परिजन इलाज के लिए सठिगवां के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर डाक्टर ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने ठंड को मौत का कारण बताया।  

आज से सुबह 10 से शाम तीन बजे तक खुलेंगे स्कूल
फतेहपुर। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को सभी स्कूल खोल दिए गए हैं। ऐसे में नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चाें को भी स्कूल जाना पड़ेगा। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग ने ठंड की वजह से स्कूल खुलने के समय में परिवर्तन कर दिया है। अब सुबह 10 से शाम तीन बजे तक पढ़ाई होगी। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि मंगलवार से सभी स्कूल सुबह 10 बजे खुलेंगे और शाम तीन बजे बंद होंगे। फिलहाल अवकाश की अवधि नहीं बढ़ाई गई है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्कूलों में अलाव की व्यवस्था कराएं, जिससे अचानक ठंड बढ़ने पर बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

 
कड़ाके की ठंड में भी नहीं जले अलाव
खागा। पूरे क्षेत्र में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों में अलाव नहीं जले। न ही गरीबों को कंबल बांटे गए। भीषण ठंडक से लोग बेजार हैं। नगरों और कस्बों में बाहर से आने जाने वाले यात्री ठिठुरते रहते हैं। हाथ सेंकने के लिए चाय और मिष्ठानों की दुकानों में जाते हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर बाहर से आने जाने वाले यात्री ठंड से राहत पाने के लिए अलाव की तलाश करते रहते हैं। वहीं तहसीलदार रामस्वरूप ने बताया कि अलाव जलाने का बजट आ गया है। एक दो दिन के अंदर अलाव जलवा दिए जाएंगे। अभी कंबल नहीं आए हैं। 
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