अधीक्षण अभियंता कार्यालय में बैठे कर्मचारी।
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बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता आरएन सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बाद से विभाग में तनाव है। अधीक्षण अभियंता कार्यालय में दूसरे दिन कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। अधिशासी अभियंता प्रथम और द्वितीय कार्यालय में दिनभर कर्मचारियों में चर्चा होती रही। वहीं अधीक्षण अभियंता को लखनऊ रेफर कर दिया गया है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस भी छापेमारी कर रही है। इस मामले में निलंबित कार्यालय सहायक आशीष गर्ग को नामजद करते हुए सात अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है।
सोमवार को एसई आरएन सिंह पर उनके कार्यालय में आधा दर्जन नकाबपोश लोगों ने हॉकी और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शहर के जीटी रोड स्थित राम सनेही हास्पिटल में एसई का इलाज चल रहा था। मंगलवार को डाक्टरों ने एसई को लखनऊ रेफर कर दिया है। अधिशासी अभियंता प्रथम और द्वितीय कार्यालय में दिनभर तनाव का माहौल रहा। कामकाज तो हुआ लेकिन कर्मचारियों में दिनभर चर्चा हुई। अधिशासी अभियंता प्रथम वीके चौधरी ने बताया कि एसई को लखनऊ रेफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है। उधर, कोतवाल महेश पांडेय ने बताया कि निलंबित कार्यालय सहायक आशीष गर्ग को नामजद किया गया है। उसके साथ सात से अधिक लोग शामिल थे। टीमों ने हमलावरों का सुराग लगाने के लिए कई विभागीय लोगों से पूछताछ की। पता चला है कि आशीष इन दिनों असोथर से संबद्ध था। एसी ने ही चार महीने पहले निलंबित किया था। आरोपी का मोबाइल लोकेशन भी जांच के दायरे में आया है। टीम को कुछ लोगों के क्लू मिले हैं। हालांकि वह इसे पुख्ता करने के बाद ही उन पर हाथ डालना चाह रही है। आसपास सीसीटीवी कैमरा न लगा होने से पुलिस को घटनाक्रम और हमलावरों को समझने में दिक्कत हो रही है।