बकेवर विद्युत उपकेंद्र की पधारा फीडर की मशीनों के भी फुंकने से दर्जनों गांव में बत्ती गुल है। बिजली संकट किसानों के लिए कोढ़ में खाज साबित होकर परेशानियों का सबब बन गया है।
विद्युत उपकेंद्र बकेवर में चार फीडरों की आपूर्ति करने के लिए अपडाउन की चार मशीनें लगी हैं। जिसमें ंखजुहा फीडर की छह माह पहले मशीन जल गई थी। जिसे अभी तक अधिकारियों ने ठीक नहीं कराया और पधारा फीडर की मशीनोें से ही खजुहा फीडर को चलाकर विद्युत आपूर्ति देते रहे।
सोमवार की रात पधारा फीडर में अधिक लोड पड़ने के कारण मशीनें फुंक गईं। ग्रामीण बैजनाथ वर्मा, कामता प्रसाद तिवारी, जुगुल सिंह, जगदीश, करुणेश, अमरनाथ, श्याम, सीताराम, मनीष आदि ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बताया कि इनकी लापरवाही के चलते खजुहा फीडर की छह माह पहले जली मशीनों को नहीं बनवाया गया। इसी के चलते सभी मशीनें फुंक गईं, दैवी आपदाओं से बर्बाद हुए किसानों के सामने बिजली संकट कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। बिजली आपूर्ति न मिलने से मूंग, उरद, चरी आदि फसलों की सिंचाई बाधित हो रही है।
पधारा फीडर की मशीनों के जलने से गांव रामपुर, बकेवर, बरिगंवा, घोरहा, श्ंाकर नगर, बिजुरी, जवाहरपुर, उसरहाखेड़ा, नामामऊ, पधारा, रसूलपुर सहित चालीस गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि चार दिन के अंदर मशीनों को नहीं बदला जाता तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
जेई गुलाब ने बताया कि अभी कुछ दिनों पहले उपकेंद्र में कार्यभार ग्रहण किया है। फुंकी पड़ी मशीनों को शीघ्र बनवाने के लिए ठेकेदारों को सूचना दे दी है। जब तक मशीनें नहीं बनती तब तक जहानाबाद और देवमई फीडरों से कटौती कर चार- चार घंटे बिजली दी जाएगी।