फतेहपुर। बंद शादीपुर रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय रविवार दोपहर ट्रेन की चपेट में आने से एक छात्रा की मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव क्रॉसिंग से करीब 100 मीटर दूर मिला। घटना के चलते दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक करीब 40 मिनट तक बाधित रहा। इससे चार ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवां कस्बा निवासी रामभवन की पुत्री नेहा (18) इंटर की छात्रा थी। वह बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बरदरा गांव निवासी मौसा अर्जुन और मौसी रीनू के साथ गांव जा रही थी। राधानगर थाना क्षेत्र की बंद शादीपुर रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय वह कानपुर की ओर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद मौसा और मौसी घबरा गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ पहुंची। परिजन ने बताया कि अर्जुन और रीनू शुक्रवार को इलाज कराने हसवा आए थे और नेहा उनके साथ बरदरा गांव जा रही थी। थानाध्यक्ष राजकुमार मौर्या ने बताया कि बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन को न देख पाने से हादसा हुआ है।
दो दिन पहले हादसा होने से बचा था
रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने से बड़ा हादसा होने से बच गया था। सूचना के बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी और लोग ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफॉर्म पर पहुंचे थे। लगातार हो रही लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं।
क्रॉसिंग बंद होने पर ध्यान दें
- पैदल यात्री बंद फाटक के अंदर प्रवेश न करें और ट्रैक पार करने से पहले दोनों तरफ देखें।
- बंद रेलवे क्रॉसिंग के नीचे से निकलना या बैरियर पार करना गैरकानूनी और जानलेवा है।
- लाल बत्ती या हॉर्न का मतलब ट्रेन का आगमन है ऐसे में सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- वाहन ट्रैक पर फंस जाए तो यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर 139 या 112 पर सूचना दें।
- फाटक बंद होने पर शॉर्टकट न अपनाएं और धैर्य के साथ खुलने का इंतजार करें।
फाइल फोटो-15-नेहा। स्रोत परिजन