तहसील मुख्यालय के कई विभागों में भ्रष्टाचार से उग्र अधिवक्ताओं की हड़ताल छठवें दिन रंग लाई। मांग के मुताबिक दो कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया। एसडीएम ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि अब वह जनता के हित को देखते हुए हड़ताल समाप्त करें। उधर, तहसील पहुंचे पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल ने हड़ताली वकीलों को समर्थन देने का एलान किया।
मंगलवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विप्र नारायन तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल ने दोपहर में पहुंचकर समर्थकों के साथ संघर्ष में समर्थन का एलान किया। सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जय नारायन सिंह गोली, हरनाम सिंह, राजेश द्विवेदी, लक्ष्मीशंकर यादव, अशोक उत्तम, अरुण द्विवेदी, कल्यान सिंह यादव, गिरजा शंकर वर्मा, बीरबल यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, अशोक सिंह भदौरिया, सुनील तिवारी, अशोक मिश्रा, आरके उत्तम, सौखीलाल सोनकर, रंगपाल वर्मा आदि ने कहा कि जब तक रिश्वतखोरी बंद नहीं होगी, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
अब ग्रामीणों, वादकारियों, प्रतिवादियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। अधिवक्ताओं के आंदोलन के छठवें दिन स्टांप विक्रेता संघ के जय प्रकाश, धमेंद्र मिश्रा, फूलचंद्र सोनकर, गोपी कृष्ण गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा और टाइपिस्टों में संजय भदौरिया, विजय दुबे, रंगीलाल, रमेश, रवि मिश्रा, सुनील पुरी आदि वकीलों की हड़ताल का समर्थन किया।
हटाए गए दोनों आरोपी कर्मचारी- बिंदकी। अधिवक्ताओं की मांग के मुताबिक जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने रजिस्टार कानूनगो जितेंद्र मिश्रा का फतेहपुर, राम विशाल का खागा के लिए स्थानांतरण कर दिया है।
नहीं हो रहे बैनामे और लोगों के काम- बिंदकी। हड़ताली अधिवक्ताओं ने तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी करा रखी है, जिससे खेत, मकान, प्लाट, दुकान आदि भूमि के बैनामे नहीं हो रहे है। नगर व ग्रामीण क्षेत्र से तहसील आने वाले जरूरतमंद लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।