रिटायर्ड शिक्षक के निर्माणाधीन मकान में चोरी के लिए सुरंग जैसा रास्ता बनाने वाला युवक बीच रास्ते फंसकर जान गंवा बैठा। पुलिस के साथ-साथ मृतक के घर वालों ने भी माना है कि नशे की लत पूरी करने के लिए वह चोरी-चकारी का आदी हो गया था।
घटना शहर के पथरकटा चौराहे के पास रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामकृष्ण सिंह के शांतिनगर बिजली उपकेंद्र के पास बन रहे मकान की है। 28 फरवरी से निर्माण कार्य न होने के कारण मकान तालाबंद था। रविवार की सुबह नौ बजे उनका बेटा ज्ञान सिंह निर्माण फिर शुरू कराने के लिए पहुंचा तो बरामदे के सामने कमरे की दीवार में नींव (फाउंडेशन बीम) के नीचे युवक का फंसा हुआ शव देखा। सिर कमरे के भीतर था और बाकी हिस्सा बाहर था। सूचना पर पुलिस पहुंची तो जांच में पाया कि निर्माणाधीन मकान में फर्श का काम न होने के कारण फाउंडेशन बीम के नीचे व आसपास मौजूद कच्ची मिट्टी हटाकर सुरंग जैसी जगह बनाई गई थी। पुलिस ने माना कि इस स्पेस से कमरे में घुसने की कोशिश में धड़ फंस गया और मदद न मिलने से उसकी मौत हो गई। शव की हालत से घटना कई दिन पुरानी लग रही थी।
मृतक की पहचान मसवानी मोहल्ले के विजय प्रकाश उर्फ बचोल (30) के रूप में हुई। बचोल के भाई सत्य प्रकाश और शिवप्रकाश ने बताया कि सरिया का जाल बिछाने का काम करने वाला बचोल गलत संगत में पड़कर स्मैक का लती हो गया था। बताया कि वह 31 मार्च से वह घर नहीं आया था। तीन अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। सभी ने माना कि नशे की तलब में पैसे की कमी आड़े आने पर वह चोरी नीयत से इस तरह खाली घर में घुसने की कोशिश में जान गंवा बैठा।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम से उसकी मौत की वजह और मौत के वक्त का अनुमान लग जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
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