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पौध लगाकर खेल मैदान का अस्तित्व मिटाने की कोशिश

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sports - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए जमीनी हकीकत दावों से इतर है। गांवों में खेल के मैदान नहीं हैं। जो तय जमीन है, उस पर भी पौध लगाकर कब्जे किए जा रहे हैं। ताजा मामला अमौली के नसेनिया गांव का है।
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नसेनिया में जागरूक युवाओं ने खेल मैदान सुरक्षित करने के लिए बुधवार को शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। युवाओं का कहना है कि गांवों में खेल मैदान का स्थान तो निर्धारित है लेकिन वह कागजों तक सिमटा है। यहां सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा और खिलाड़ी लंबे समय से खेल मैदान की मांग कर रहे हैं। समय-समय पर होने वाली सरकारी और निजी खेल प्रतियोगिताओं में खेल के मैदान की कमी अखरती है।
सेना में जवान व स्थानीय निवासी शिव प्रकाश शुक्ल ब्रह्मचारी कहते हैं कि अमौली के नसेनिया में तीन बीघे आवंटित खेल मैदान भूमि है। इसमें पौधे लगाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। युवा समाजसेवी शुभम शुक्ला कहते हैं कि योजनाएं बहुत बनती हैं लेकिन हकीकत में संसाधनों की कमी है। मनरेगा उपायुक्त पुतान सिंह का कहना है कि खेल के मैदान की जगह में पौधरोपण नहीं किया जा सकता है। केवल चहारदीवारी पर चारों तरफ पौधे लगाए जा सकते हैं।
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