सीजेएम कोर्ट से जारी वारंट पर सपा अल्पसंख्यक सभा के पूर्व प्रदेश सचिव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बलवे के एक मामले में आरोपी सपा नेता के अदालत में पेश न होने के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने सपा नेता को रविवार को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर जेल ले जाया गया। जेल में उनकी तबीयत बिगड़ी देखकर डाक्टर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शाहर के अमरजई पनी मोहल्ला निवासी वसीम अंसारी समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के पूर्व प्रदेश सचिव हैं। उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में बलवे का मामला चल रहा है। सुनवाई में न पहुंच पाने के कारण कोर्ट ने सपा नेता के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था। इसके बाद कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। कुर्की के आदेश का अनुपालन कराने के लिए शनिवार को शहर कोतवाल आरएस सोनकर समेत फोर्स सपा नेता के घर पहुंची थी। घर में मौजूद सपा नेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रविवार को कोर्ट के समक्ष हाजिर किया। कोर्ट के आदेश पर नेता को जेल ले जाया गया। जहां दर्द की शिकायत पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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मंत्री शिवपाल यादव ने कराया था शामिल
सपा नेता वसीम अंसारी की राजनीतिक पारी सपा से शुरू हुई थी, लेकिन बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। करीब दस साल कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। 2014 लोकसभा चुनाव के पहले हथगाम में मंत्री शिवपाल यादव की रैली में सपा नेता को दोबारा पार्टी में शामिल कराया गया था।
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क्या है मामला
जहानाबाद थाना क्षेत्र में करीब 25 साल पहले जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके विरोध में सपा नेता और उनके कई साथियों ने प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। हंगामे के आरोप में तत्कालीन थानेदार ने उनके खिलाफ बवाल का मुकदमा दर्ज किया था।