फतेहपुर। साइबर क्राइम पुलिस और क्राइम डिटेक्शन टीम की संयुक्त कार्रवाई में रोडवेज बसों में जहरखुरानी कर यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के एक गुर्गे को गिरफ्तार किया गया है। वहीं आरोपी का पिता पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के दो मोबाइल फोन और 1.25 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरोह जहरखुरानी के बाद यात्रियों के मोबाइल, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज चोरी करता था। इसके बाद बैंक कस्टमर केयर से संपर्क कर यूपीआई और डेबिट कार्ड का पिन रीसेट कर खातों से रकम निकाल लेता था।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जमरावां निवासी कुलदीप कुमार को 29 अप्रैल और शहर के तांबेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार को पांच जून को रोडवेज बस में जहरखुरानी का शिकार बनाया गया था। आरोपियों ने उनके मोबाइल, पर्स, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज चोरी कर लिए थे। बाद में डेबिट कार्ड और यूपीआई के जरिये क्रमशः 98,500 रुपये और 1,44,000 रुपये उनके खातों से निकाल लिए गए।
पुलिस लाइन में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि सर्विलांस की मदद से हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मिश्राना निवासी हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पिता दादाराम जोशी के साथ रोडवेज बसों में यात्रियों के पास बैठता था। मोबाइल इस्तेमाल करते समय उनका पासवर्ड देख लेता था और जहरखुरानी के बाद मोबाइल, पर्स, डेबिट कार्ड व अन्य कीमती सामान चोरी कर लेता था।
आरोपी ने बताया कि वह फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, लखनऊ समेत विभिन्न जनपदों में जाकर बैंक कस्टमर केयर से संपर्क कर डेबिट कार्ड का पिन रीसेट कराता था। मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिये नया पिन बनाकर एटीएम बूथ से रुपये निकालता था। इसके अलावा चोरी किए गए मोबाइल से यूपीआई संचालित कर पीड़ितों के खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करता और क्रेडिट कार्ड से मॉल व दुकानों पर खरीदारी भी करता था।
एसपी ने बताया कि पिता-पुत्र लंबे समय से विभिन्न राज्यों में रोडवेज यात्रियों को निशाना बना रहे थे। दादाराम जोशी के खिलाफ हरदोई जिले में कई मुकदमे दर्ज हैं। हर्षित को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।