फतेहपुर। विजयदशमी पर्व पर शहर में जगह-जगह रावण के पुतले दहन किए गए। असत्य पर सत्य की विजय होते ही लोगों ने जय श्रीराम का जयघोष किया। शहर में आवास विकास, ज्वालागंज, शादीपुर, मुराइनटोला, सहित कई स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया गया।
रावण के पुतलों में आग लगते ही आतिशबाजी की रंग बिरंगी रोशनी से रावण दहन स्थलों पर चारों ओर अलग छटा बिखरी। रावण दहन के बाद लोगों ने आपस में गले मिलकर बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया। इसके साथ बधाई देने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
भगवान राम के हाथों अहंकारी रावण का अंत
बिंदकी। रामलीला मैदान में भगवान राम व अहंकारी रावण के बीच घंटों भीषण युद्ध चला। अंत में प्रभु श्रीराम के हाथों अहंकारी रावण का वध हुआ और पूरा मेला मैदान में श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण का विशालकाय पुतला धू -धू कर जल गया।
कस्बे के रामलीला मैदान में दस अक्तूबर से दशहरा महोत्सव प्रारंभ हुआ हैं। 12 अक्तूबर को रामलीला मैदान मैदान में प्राचीन मेले का आयोजन हुआ। मेले के दौरान लोगों का भारी भीड़ रही। लोगों ने रामलीला मैदान के समीप स्थित भगवान मंदिर में माथा टेट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अयोध्या राममंदिर के तर्ज में बने पंडाल के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों के बीच होड़ रही।
अंधेरा होते ही पूरा मैदान बिजली की जगमग रोशनी से सराबोर हो गया। मर्यादा पुरुषोत्तम और अहंकारी रावण सेना के बीच घंटों युद्ध चला। युद्ध के दौरान भगवान लक्ष्मण को शक्ति लगने पर लोगों के आंशु निकल आए। हनुमान जी ने संजीवनी बूटी लाने के लिए पहाड़ ले आए। इसके बाद प्रभू श्रीराम के हाथों अहंकारी रावण का वध हुआ।
मेला मैदान के वीआईपी मंच पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, विधायक जयकुमार सिंह जैकी, राजेंद्र सिंह पटेल, डीएम रविंद्र सिंह, एसपी धवल जायसवाल के साथ मेला कमेटी अध्यक्ष मौजूद रहे। मेले में दोपहर बाद से ही मेला आने वालों की भीड़ दिखाई देने लगी। शाम चार बजे तक पूरा मेला मैदान भीड़ से पट गया। मीना बाजार में महिलाओं ने शृंगार और घरेलू वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। मेला मैदान में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों द्वारा लगाए गए जयकारों से समूचा कस्बा गूंज उठा।
रामलीला महोत्सव की व्यवस्था संभालने वालों में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष शिवम उर्फ प्रमोद सिंह परिहार, अनिल गुप्ता चार्ली, अशोक गुप्ता, गोपाल जी गुप्ता, रामकुमार साहू , रामेश्वर दयाल दयालु, नगर पालिका अध्यक्ष राधा साहू, जितेंद्र सिंह(बब्लू) मौजूद रहे।
जहानाबाद में हुआ रावण वध
जहानाबाद। अधर्म, असत्य पर अच्छाई की विजय पर्व पर विजयादशमी का त्योहार परंपरागत रुप से मनाया गया। प्राचीन पंचायती रामलीला कमेटी ने दस दिवसीय रामलीला के अंतिम दिन रामलीला में अधर्म रूपी रावण का वध हुआ। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान जी की विजय का शंखनाद करते बानरी सेना बाजपेयी गली, बस स्टेशन, टंकी रोड, गुहाड़ी मंडी चौक, मोहल्ला होकर मूल चंद गली पहुंची। लोगों ने भगवान की आरती उतार कर भोग लगाया।