अमौली विकास खंड के गांव नोनारा में विचित्र बुखार से
जूझ रहे मरीजों को अब एक माह बाद धीमी गति से राहत मिली है। रविवार को
डाक्टरों की टीम ने 14 मरीजों की जांच कर छह को रेफर किया है। इनमें 12 नए व
दो पुराने मरीज शामिल है। डाक्टरों की टीम निरंतर मरीजों के स्वास्थ्य में
सुधार के लिए लगी है। गांव में एंबुलेंस की व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध है।
रविवार
को आरिफ पुत्र मुबारक, श्रीमती पत्नी अनिल, अमन पुत्र ललित, सुनीता पत्नी
लल्ला, दनकू पुत्र देवी चरन, माधुरी पुत्री रमाकांत की विचित्र बुखार से
हालत गंभीर होने पर उनको डाक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर एंबुलेंस से
भेजवाया है। शेष बुखार से पीड़ितों का इलाज गांव में चल रहा है।
गांव
नोनारा में गत एक माह से फैले विचित्र बुखार ने अब तक एक दर्जन लोगों को
मौत की नींद सुला दिया। जब कि इस बीमारी से सैकड़ों लोग जीवन और मौत से
संघर्ष कर रहे थे। इस गांव की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि ग्रामीण
विचित्र बुखार की दहशत से पलायन करने को मजबूर हो गए थे।
जिला प्रशासन के
निर्देश पर यहां लगाई गई कुशल डाक्टरों की टीम ने मरीजों को निरंतर निगरानी
में रखकर उपचार किया। जिससे गांव की स्थिति में अब धीरे- धीरे सुधार हो
रहा है।
जहां सैकडों मरीजों की ओपीडी होती थी और दर्जनों को प्रतिदिन रेफर
किया जाता था वह अब घटकर एक दर्जन की ओपीडी व आधा दर्जन रेफर पर आ गई है।
फिर भी गांव में तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम इस विचित्र बुखार को पूरी
तरह से सफाया करने के लिए गांव में डेरा डाले हुए है।