संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। दुकानदार को घेरे जाने की सूचना पर किराना दुकानदार को बचाने पहुंचे दरोगा व सिपाही को दबंग हमलावरों ने ललकारते हुए उन तमंचे से फायर किया। दबंगों ने चीखते हुए पुलिस कर्मियों से कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इलाके में घुसने की।
हमारी बिना मर्जी के तुम लोग कैसे घुस आए। इससे पहले की मौके पर और फोर्स पहुंचती, हमलावर भाग निकले। पुलिस ने दरोगा की ओर से छह आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट व गाली गलौज का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि पुलिस ने फायरिंग से इन्कार किया है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के सरकी गांव के नरेंद्र सिंह की शराब दुकान के सामने किराने की दुकान है। उपनिरीक्षक अरविंद मौर्या ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि दुकानदार नरेंद्र सिंह को रविवार रात दुकान में कुछ लोगों लाठी डंडे लेकर घेर लिया था।
इसकी दुकानदार ने सूचना दी थी। सूचना पर वह हमराही सिपाही अनूप शुक्ला के साथ सरकी गांव पहुंचे। जहां सरकी गांव के सगे भाई रिंकू सिंह, गोलू सिंह, रविकरन व सूरज सिंह, मुन्ना सिंह, संजीव सिंह और कुछ अन्य लोग लाठी डंडों से लैस मौजूद थे।
विवाद का कारण पूछने पर पुलिस कर्मियों से रिंकू समेत अन्य भिड़ गए। दरोगा व सिपाही से धक्का-मुक्की और गाली गलौज की। हमलावर बोले कि यह उनका क्षेत्र है, उनकी बिना मर्जी के कैसे आ गए। मामला गंभीर देखकर उपनिरीक्षक ने थाने से अतिरिक्त फोर्स बुलाने को सूचना दी।
इसी दौरान जान से मारने की धमकी देकर हमलावर भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रिंकू व गोलू सिंह ने धमकी देने के समय ही तमंचा निकाल लिया और पुलिस पर दोनों ने एक-एक राउंड फायर कर भागे। उपनिरीक्षक ने भी पिस्टल निकाली, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे।