हमारा मिशन के बंद होने से सुल्तानपुर घोष गांव निवासी एक एजेंट के पिता की सदमे से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें यह दुख था कि बेटा निवेशकों के पैसे कैसे लौटाएगा।
गांव के 50 वर्षीय राकेश यादव का बेटा दिनेश सिंह हमारा मिशन कंपनी में एजेंट था। करीब एक दर्जन लोगों से उसने लगभग 85 लाख रुपया जमा कराए था। इस धनराशि से एक भी रुपया वापस नहीं हुआ था।
निवेशक करीब एक माह पहले कंपनी के लेनदेन बंद होने से एजेंट से रोज तगादा करने आते थे। जिससे पिता परेशान और सदमे में था। जमा धन के तीन व चार गुना पाने की लालच में लोगों ने बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर जमा किया था। जो अब परेशान है। डोलीकापुरवा निवासी झूरी भैंस बेचकर, प्रेमनगर की मीरा देवी बैंक से कर्ज लेकर, कसेरुवा की बिट्टन देवी और पोखरी के बुद्दीलाल ने साहूकारों से कर्ज लिया था। वहीं बेहटापर के कल्लू व मनोज कुमार ने केसीसी से कर्ज लेकर कंपनी में रकम लगाई थी।
खागा। हमारा मिशन ग्रुप ऑफ कंपनी बंद होने से व संचालकों पर एफआईआर होने से निवेशकों व एजेंटो में बेचैनी है। निवेशक एजेंटों को सरेआम बेइज्जत कर रहे हैं। एजेंट छिपकर रह रहे हैं। मिशन ग्रुप आफ कंपनी में क्षेत्र के कई हजार लोगों का करोड़ों रुपया तीन व चार गुना धन देने का लालच देकर जमा कराया था। लोग लालच में आकर रुपया जमा किया। कंपनी के चेयरमैन खजुरिहापुर गांव निवासी राजेश मौर्य और भाई ब्रजेश मौर्य, पत्नी पूजा सहित सभी परिजन गायब हैं। दफ्तर के सभी कर्मचारी भाग गए है।