कथा, सतचंडी महायज्ञ में भाग लेती महिलाएं।
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सरकी बवारा गांव के काली मंदिर चल रहे सात दिवसीय पंचकुंडीय सतचंडी महायज्ञ व कथा में रविवार को आसपास के गांव के लोगों ने बढ़- चढ़कर भाग लिया। कथा वाचक आरती शास्त्री ने शंकर विवाह की कथा सुनाई।
कहा कि माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति स्वरूप पाने के लिए कठिन तपस्या की है। जब भगवान शंकर बारात लेकर राजा हिमाचल के दरवाजे पर पहुंचे तो दूल्हे (भगवान शंकर) का वेशभूषा देखकर आश्चर्य मेें पड़ गए। सांप, बिच्छू दूल्हे के आभूषण रहे।
ऐसा देख पार्वती की माता सुनैना ने कहा कि बेटी का विवाह एक जंगलवासी ने नहीं कर सकते। माता पार्वती ने मां सुनैना को समझाया कि यह तो जगपिता हैं। कथा के समापन में आरती कराकर प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर राजेंद्र महराज, बालक दास, अजय सिंह परिहार, सोनल सिंह परिहार मौजूद रहे।