बिंदकी। धान खरीदने के बाद किसानों को भुगतान न करने वाले गरिमा ट्रेडर्स के संचालकों के खिलाफ सातवीं एफआईआर दर्ज की गई है। मलवां के शिवपुर निवासी किसान रिंकू उर्फ बिजनेस ने कोर्ट के माध्यम से बिंदकी क्षेत्र के नौ आरोपियों पर 24 लाख 54 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया है। छह सितंबर को भी कोर्ट के आदेश पर एक मामला आरोपियों पर दर्ज हुआ था।
कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर रोड स्थित यह फर्म एक साल पहले खुली थी। इसमें सौ से अधिक किसानों ने धान बेचा था। अचानक फर्म बंद कर संचालक भाग निकले थे। पुलिस संचालकों के खिलाफ चार मामले सीधे थाने में और दो मामले कोर्ट के माध्यम से गबन के दर्ज किए हैं।
इसी क्रम में मलवां थाने के शिवपुर निवासी रिंकू ने कोर्ट के माध्यम से सोमवार को फर्म संचालकों में बिंदकी कस्बा निवासी रमेश उर्फ छोटे, ललौली रोड निवासी उमेश गुप्ता, बिंदकी कोइरयां निवासी रवि त्रिपाठी, बिंदकी कस्बा निवासी दिनेशचंद्र गुप्ता व दिनेश के पुत्र प्रांजल गुप्ता, पत्नी प्रीति गुप्ता, उमेश की पत्नी सुनीता गुप्ता, पुत्र आदर्श गुप्ता के खिलाफ धान खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि एक साल पहले फर्म में 1339 क्विंटल धान बेचा था। कीमत करीब 28 लाख दो हजार थी। उसे तीन लाख 57 हजार 900 रुपये मिले थे। बाकी 24 लाख 54 हजार रुपये फर्म संचालकों ने हड़प लिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
कोतवाल लान सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूर्व में दर्ज मामलों में कई आरोपी जेल जा चुके हैं। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सिर्फ दो जेल में बाकी को मिल चुकी जमानत
गबन के मामले में आरोपी रवी त्रिपाठी और उमेश गुप्ता जेल में निरुद्ध हैं। एक माह पहले दिनेश गांधी और इनके पुत्र प्रांजल गुप्ता का जमानत मिल चुकी है। आरोपी रमेश पटेल को 10 दिन पहले जमानत मिली है। आरोपी दिनेश गुप्ता की पत्नी प्रीती और उमेश की पत्नी सुनीता को विवेचना में पुलिस ने बाहर कर दिया। धोखाधड़ी की रकम दोनों महिलाओं के खाते में उनके पतियों ने मंगवाई थी। इसी वजह से पुलिस ने महिलाओं को दोषी नहीं माना था। अब नए मामलों में आरोपियों पर कार्रवाई की तलवार फिर लटक गई है।