बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के जोनिहा चौकी अंतर्गत बेहटा गांव में बुधवार रात तीन मंदिरों की सात मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गईं। बृहस्पतिवार सुबह हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। एक ने आर्थिक परेशानी के कारण मूर्तियां तोड़ने की बात कबूली है।
गांव निवासी विष्णुदत्त द्विवेदी को बृहस्पतिवार सुबह भोला तालाब मंदिर में शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां खंडित मिलीं। इसके बाद चतुर्भुज मंदिर और शहीद स्मारक मंदिर में भी शिवलिंग, हनुमान जी और नंदी की मूर्तियां क्षतिग्रस्त मिलीं। घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीण और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जुट गए। चतुर्भुज मंदिर के पास किसान इंद्रसेन के खेत में खून के निशान भी मिले, जिसके नमूने फॉरेंसिक टीम ने एकत्र किए। विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड मंत्री दयाशंकर दुबे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के बाद एएसपी जीपी रॉय, सीओ प्रयांक जैन, एसडीएम निशांत तिवारी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एएसपी जीपी रॉय ने बताया कि हिरासत में लिए गए मनोज कुशवाहा ने पूछताछ में बताया कि आर्थिक परेशानी के चलते मंदिरों की मूर्तियां क्षतिग्रस्त की हैं। उसे दोबारा निर्माण कार्य मिलने की उम्मीद थी, जिससे वह अपनी बीमारी के इलाज के लिए रुपये जुटा सके। हालांकि, मामले में जांच जारी है। कहा कि खून के नमूनों की जांच के बाद ही उसकी पहचान स्पष्ट होगी। प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से क्षतिग्रस्त मूर्तियों के स्थान पर नई मूर्तियां स्थापित कराई जाएंगी।
बजरंग दल के बीनू पांडेय, रानू द्विवेदी, राहुल अग्निहोत्री, विहिप के प्रखंड अध्यक्ष दयाशंकर द्विवेदी और नगर अध्यक्ष राजेश सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि पूर्व में भी ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को आरोपी बताया था।