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बारिश के मौसम में गंभीर पेयजल संकट

Sat, 26 Sep 2015 12:46 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
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जिले की यमुना कटरी में इस बार बरसात के मौसम में ही गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है।  
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कटरी के गांवों में अभी से 50  फीसदी इंडिया मार्का हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। जलस्तर में गिरावट से नलकूप भी दगा दे रहे हैं।

इससे ग्रामीणों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। अगर प्रशासन न चेता तो सर्दी के मौसम तक हालात और भयावह हो जाएंगे।
 इस बार कम बरसात का पारंपरिक जल स्रोतों पर अभी से असर दिखाई पड़ने लगा है। यमुना कटरी के गांवों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों ने दगा देना शुरू कर दिया है।


एकड़ला, मड़ौली, गुरवल, मंझिगवां, शिवकंठ का डेरा, रायपुर भसरौल, तेलानबाबा का डेरा, सरकंडी, लक्ष्मनपुर, आदमपुर सैंबसी, रमशोलेपुर, कंसापुर, कौंहन और जरौली समेत कटरी के ज्यादातर गांवों में अभी से पेयजल संकट पैदा हो गया है।
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धाता, विजईपुर, असोथर आदि ब्लाक क्षेत्र के गांवों में दिन प्रति दिन घट रहा जलस्तर गंभीर संकट की चेतावनी दे रहा है।

पिछले सालों में भीषण गर्मी के मौसम में पानी देना बंद करने वाले हैंडपंप बरसात में चालू हो जाते थे। लेकिन इस बार स्थिति एकदम उलट है। जो हैंडपंप पहले से बंद हैं, उनके अलावा पानी दे रहे हैंडपंप भी एक-एक करके जवाब दे रहे हैं। इससे साफ है आने वाले समय में पानी देने वाले इक्का- दुक्का हैंडपंप ही बचेंगे।


यमुना कटरी क्षेत्र के राजेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार, देवेंद्र सिंह, रमेश कुमार, भोला सिंह और  इकबाल बहादुर सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है जलस्तर घटने से नलकूप तो पानी देना बंद ही कर रहे हैं, लेकिन अब हैंडपंप भी दगा दे रहे हैं।

अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो गर्मी के मौसम में कटरी क्षेत्र में शायद ही इक्का दुक्का पानी देने वाले हैंडपंप बचें। ऐसी स्थिति में कटरी क्षेत्र में स्थिति के भयावह होने की आशंका गहरा रही है।
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सरकंडी के ग्राम प्रधान संतोष द्विवेदी का कहना है पेयजल की स्थिति दिन प्रति दिन खराब हो रही है। ज्यादातर पुराने हैंडपंप पानी देना बंद कर चुके हैं और नए हैंडपंप भी पानी देना बंद कर रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ेगी।
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