कृषि भवन में शुक्रवार को किसान मेला व रबी गोष्ठी का आयोजन हुआ। किसानों को जागरूक करने व खेती के गुर सिखाने के लिए विभागों की ओर से स्टाल लगे। पत्रक बांटे गए और उनके सवालों का जवाब भी दिए गए।
डीएम डॉ. वेदपति मिश्र ने किसानों को बताया कि जिले में टिश्यू कल्चर लैब के लिए शासन को पत्र भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इससे किसानों को अच्छी प्रजाति के केले की पौध मिलेगी। इससे पहले डीएम ने दीप जलाकर मेला का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी स्टालों का निरीक्षण किया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेती में आधुनिक कृषियंत्रों का प्रयोग करने की अपील की। फसलों की बुआई में उन्नतशील बीज प्रयोग करने के लिए कहा।
डीएम ने कहा कि अफसर किसानों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें। इनकी शिकायत पर कोई भी अधिकारी, कर्मचारी लापरवाही न करें। रबी फसल की सिंचाई के समय नहरों में पानी की कमी नहीं होगी। खराब नलकूपाें को प्राथमिकता से सही कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एक नवंबर से जिले मेें धान की खरीद शुरू हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने कहा कि रबी फसल की बुआई में इफ्को व अन्य प्राइवेट कंपनियों की डीएपी खाद के रेट कम हो गए हैं।
किसी भी कंपनी की डीएपी 1050 रुपये से अधिक नहीं है। अगर कोई दुकानदार इससे अधिक में बेच रहा है तो किसान मोबाइल से शिकायत दर्ज कराएं। चने का बीज अभी पूरे प्रदेश में नहीं है। अगले सप्ताह में बीज आने की संभावना है।
इस मौके पर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. शिवमंगल सिंह, डॉ. एपी सिंह, समाज सेवी अशोक तपस्वी, प्रगतिशील किसान लोकनाथ पांडेय, सलीम उद्दीन, बजरंग सिंह, रामशरन सिंह, नीलेंद्र स्वरूप बाजपेई, राजेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश तिवारी, मनीष तिवारी, रणविजय सिंह, जयदेव सिंह मौजूद रहे।