संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। खागा तहसील क्षेत्र के पुरइन गांव में ग्राम सभा की तालाब भूमि के फर्जी बैनामे की शिकायत पर उपजिलाधिकारी खागा ने बैनामे के अमल दरामद पर तत्काल रोक लगाते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
ग्राम प्रधान दयाराम मौर्य के अनुसार गांव के एक व्यक्ति ने ग्राम सभा की गाटा संख्या 1105 और 1106 में दर्ज तालाब खाते की भूमि में से गाटा संख्या 1105, रकबा 0.4450 हेक्टेयर, को अपनी निजी भूमि के साथ जोड़कर बेच दिया। आरोप है कि युवक ने तथ्यों को छिपाते हुए इस भूमि को हाइवे से सटी अपनी जमीन बताया और करीब छह लाख रुपये प्रति बीघा मूल्य की भूमि का लगभग 47 लाख रुपये में बैनामा कर दिया।
इस प्रकरण में तहसील स्तर पर भी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि ग्राम सभा को बैनामे से संबंधित कोई तामील नोटिस नहीं भेजी गई। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बैनामे के अमल दरामद पर रोक लगवाई और उपजिलाधिकारी खागा को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया।
उपजिलाधिकारी खागा अभिनीत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जी बैनामे पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि तालाब की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। साथ ही फर्जी बैनामा करने वाले दोषियों और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।