फतेहपुर। एआरटीओ विभाग की जांच में करीब 188 स्कूली बसें मानक विहीन पाई गई हैं। इन बसों को स्कूल प्रबंधन की ओर से दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। सुधार पूरा होने के बाद ही पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा की पुष्टि की जाएगी।
परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की पहचान और निगरानी की प्रक्रिया को सख्ती से आगे बढ़ा रहा है। अनफिट बसों को ठीक कराने के साथ ही चालक सहित पूरा विवरण विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, ताकि हर स्कूल बस पर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
विभाग के निर्देश पर स्कूलों ने अपने वाहनों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया था। इसका स्थलीय सत्यापन एआरटीओ की ओर से किया गया। जांच में करीब 188 स्कूली वाहन मानक विहीन पाए गए। इनमें सीसीटीवी कैमरे, ग्रिल, साइड मिरर, प्राथमिक चिकित्सा किट और फायर सिलिंडर बॉक्स जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। इन कमियों को दूर करने के लिए एआरटीओ ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं।
जिले में कुल 1108 स्कूली बसें पंजीकृत हैं जिनमें से 750 वाहनों का डाटा शनिवार तक अपलोड किया जा चुका है। करीब 258 बसों का डाटा अभी अपलोड नहीं हुआ है। वाहन स्वामियों को जल्द से जल्द डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत कुमार ने बताया कि हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीम स्कूलों में जाकर बसों की जांच कर रही है और खामियां मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।