फतेहपुर। परिषदीय विद्यालय खुले एक माह का समय हो गया है, लेकिन अभी तक बच्चों के हाथ में किताबें नहीं आईं हैं। ऐसे में विद्यालयों में बच्चों का समय पढ़ाई में कम और खेल में अधिक व्यतीत हो रहा है। शिक्षक भी पढ़ाने बजाय मोबाइल चलाते दिख रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो सितबंर से पहले किताबें मिलने वाली भी नहीं है, क्योकि मांग पत्र ही देर से भेजा गया है।
पहली अप्रैल से शिक्षण सत्र की शुरुआत हो चुकी है। एक तरफ निजी स्कूलों में कापी किताबों की व्यवस्था के साथ पठन पाठन उसी दौरान से प्रारंभ है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में अभी तक एक भी किताब नहीं है। ग्रीष्मकालनी अवकाश के बाद स्कूल खुले एक महीना गुजर चुका है, लेकिन अभी तक बच्चों के बैग खाली हैं। परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग मुफ्त में किताबें बांटता है। इन्हें सीधे प्रकाशन से खरीदा जाता है।
फतेहपुर। जिले भर 2126 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें दो लाख 67 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। बिना किताबों के यह बच्चे दिन भर स्कूल में खेलकूद करते हैं और एमडीएम खाने के बाद लौट आते हैं।
सत्र समापन होने के बाद पुराने बच्चों की कुछ अच्छी किताबें जमा करा ली जाती हैं। उन्हीं किताबों से शिक्षक कोर्स पढ़ाना शुरू कर देते हैं। नई किताबें आने में अभी समय है, आते ही उनका वितरण किया जाएगा।
- अखिलेश सिंह, डीसी सामुदायिक शिक्षा