विजयीपुर (खागा)। जिलाधिकारी ने मंगलवार सुबह विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लाक व सीडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। गंदगी व हाजिरी में लापरवाही पकड़ी गई। नाराज जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर समेत सात लोगों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी संजीव सिंह संपूर्ण समाधान दिवस की बजाय सुबह 10.05 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयीपुर पहुंच गए। अस्पताल में उन्हें कई जगह गंदगी मिली। कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने सफाई करने को कहा। लेबर रूम के निरीक्षण में जन्म-मृत्यु रजिस्टर, जेएसवाई पेमेंट, दवाओं की उपलब्धता व अन्य रजिस्टर देखे। लेबर रूम को बेहतर तरीके से साफ रखने को कहा। उन्होंने प्रमाण पत्रों की इंट्री रजिस्टर में नहीं करने पर लिपिक सोमनाथ को फटकार लगाई। लेबर रूम की जाली टूटी होने पर उसे बदलने के निर्देश दिए और मेन्यू के अनुसार प्रसूताओं को भोजन मुहैया कराने को कहा। इस दौरान डा. आलोक कुमार, डा. अशोक कुमार, डा अनिल कुमार, रामचंद्र, स्टाफ नर्स शकुंतला, एएनएम कमला देवी व अनुग्रह नारायण दस बजकर 20 मिनट तक अनुपस्थित थे। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी विजयीपुर ब्लाक पहुंचे। वहां के निरीक्षण में आरईएस अवर अभियंता संजय श्रीवास्तव और कमल किशोर नदारद थे। इसीक्रम में ब्लाक के सात संविदा कर्मी भी नहीं थे। उपस्थिति रजिस्टर में इन्होंने एडवांस में हस्ताक्षर कर रखे थे। इसी क्रम में डीएम ने भ्रमण रजिस्टर की जांच की तो वह बीडीओ से प्रमाणित नहीं मिला। सीडीपीओ कार्यालय में चपरासी के अलावा कोई नहीं मिला। उपस्थिति रजिस्टर पर सभी के हस्ताक्षर मिले और पता चला कि सभी भ्रमण पर हैं। चपरासी ने बताया कि सीडीपीओ आशीष कुमार पांडेय की शादी है और अन्य कर्मचारी जानकी, शशि, उमा रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद क्षेत्र में चली गई हैं। डीएम ने सीडीपीओ कार्यालय की स्थिति की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी और कहा कि वह जांच करके वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराएं। ब्लाक की जांच बीडीओ को दी गई है। जिलाधिकारी ने सीएचसी हरदों का भी हाल देखा। यहां उन्होंने सभी आशा बहुओं की क्लास ली। डीएम ने आशा बहुओं के भ्रमण कार्यक्रमों की तफ्तीश की और उनसे प्रसूताओं के स्वास्थ्य लाभ संबंधी जानकारी ली। उन्होंने आशा बहुओं को काम में सुधार लाने के निर्देश दिए।