किशनपुर। मंदिर में प्राचीन मूर्तियों को दोबारा स्थापित करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे संत प्रशांताचार्य ने बुधवार को गांव छोड़ दिया। मूर्तियों को हटाने और फिर से प्राण-प्रतिष्ठा कराने को लेकर ट्रस्टी और संत के बीच विवाद चल रहा था।
बीते शनिवार रात संत ने मंदिर से मूर्तियां हटवा दी थीं। इसके बाद रविवार को ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। मामले को शांत करने के लिए तय हुआ था कि यज्ञ समाप्ति के बाद शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।
ट्रस्टी रवि तिवारी ने बताया कि स्थापना को लेकर सहमति बन गई थी, लेकिन व्यय की जिम्मेदारी को लेकर असहमति के चलते संभवतः संत गांव छोड़कर चले गए। संत सोमवार से भूख हड़ताल पर थे और बुधवार को चुपचाप गांव छोड़ दिया।