ईंट-भट्ठे में पथाई करने वाले मजदूर की दो बेटियां रविवार रात फांसी के फंदे पर झूल गईं। इससे छोटी बहन की मौत हो गई। बड़ी को बचाकर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत नाजुक है।
पुलिस के मुताबिक अवैध संबंधों पर घर की कलह में दोनों बहनों ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने की रिपोर्ट दर्ज कर उसेे हिरासत में ले लिया है। एएसपी ने भी मौका मुआयना किया।
बांदा जिले के गुरेह-जमालपुर निवासी बिहारी ईंट-भट्ठों में पथाई का काम करते हैं। चार महीने पहले वह पत्नी सुक्खन, ब्याही बेटी सुधा, उसके देवर छोटू, छोटी बेटी रीता के साथ बहुआ के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने आए थे। यहीं रहकर बिहारी के साढ़ू की बेटी जानकी भी ईंटों की पथाई का काम करती थी।
साढ़ू की मौत के बाद बिहारी ने इसे गोद ले लिया था। रविवार रात सुधा, जानकी और रीता शौच के लिए जंगल गई थीं। रात नौ बजे रीता बिक्रफील्ड में बनी आवासीय कोठरी पर आई और दोनों बहनों के जंगल से गुम होने की जानकारी दी। परिवार के लोग खोजबीन को पहुंचे तो महज 200 मीटर दूर आम के पेड़ की एक ही डाल पर सुधा और जानकी फांसी के फंदे से लटकी मिलीं।
परिजनों ने आननफानन दोनों को नीचे उतारा। फांसी का फंदा कस जाने से जानकी (16) की मौत हो चुकी थी। सुधा की हालत गंभीर थी। दो बहनों के एक साथ फांसी पर झूलने की सूचना पर पुलिस पहुंची। एसओजी के साथ एएसपी भी मौके पर पहुंचे। जानकी के शव को कब्जे मेें लेकर सुधा को सदर अस्पताल भिजवाया।
एसओ विपिन कुमार ने बताया कि परिवार में ही किसी के अवैध संबंधों को लेकर दोनों बहनों में विवाद होता था। मां को भी यह नागवार गुजरता था। इसी मुद्दे पर झगड़ा हुआ और उसके बाद यह घटना सामने आई। पिता बिहारी की तहरीर के आधार पर उसकी पत्नी सुक्खन को हिरासत में ले लिया गया है।