बहुआ। ब्लॉक असोथर के यमुना तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गांवों में भय व चिंता का माहौल बन गया है। कोर्राकनक के सूपानार के समीप मचकहरी पुलिया के पास सड़क पर लगभग तीन फीट पानी बह रहा है। इससे कोर्राकनक से मैनाही, डडियार, बड़ी धोबिया, छोटी धोबिया, बेलखरा, ओनई, हड़ाही, भूप का डेरा, सोमवंशी का डेरा, पन्ना का डेरा और कबरीघाट समेत दर्जनों गांवों का सड़क मार्ग बाधित हो गया है। ग्रामीण अब घनश्याम का डेरा होते हुए वैकल्पिक रास्तों का सहारा ले रहे हैं। कोर्राकनक गांव के तराई वाले खेतों में यमुना का पानी भरने लगा है। वहीं ललौली कस्बे के पलटूपुर, अढ़ावल, कोर्राकनक, मैनाही, हड़ाही, बड़ी व छोटी धोबिया जैसे गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बढ़ते जलस्तर के कारण कई लोग अब घर खाली करने की तैयारी में लग गए हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस राहत या बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है, इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जलस्तर की निगरानी के साथ-साथ राहत व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए। बाढ़ प्रभारी अधिकारी एसएल वर्मा ने बताया कि बाढ़ क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी है।