इफको की ढाई हजार मीट्रिक टन से ज्यादा आई यूरिया पांच दिन में खत्म हो गई। इसके बावजूद किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, जिसमें आधा सैकड़ा समितियों में खाद नदारद है। गिनी चुनी समितियों में ही खाद बची है, जिसमें सुबह होते ही किसानों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है।
डीएम के निर्देश पर रैक प्वाइंट से ही 51 हजार 380 बोरी यूरिया खाद का समितियों में वितरण किया गया है, जिसमें प्रत्येक साधन सहकारी समिति में दो से तीन ट्रक यूरिया खाद भेजी गई।
यूरिया खाद के लिए एक महीने से भटक रहे किसानों को खाद का पता लगते ही सभी समितियों में भारी भीड़ जुट गई। इससे साधन सहकारी समिति सातों, बहरामपुर, असोथर, मुरांव, सेमरामानापुर, हुसैनगंज और सीतापुर सहकारी समिति समेत अधिकतर समितियों में मात्र चार-पांच दिन में ही खाद खत्म हो गई।
कई किसानों को लाइन लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पाई। किसान रामभवन, पप्पू और सुनील कुमार ने बताया कि खाद का वितरण नियम से नहीं किया गया है। इसमें प्रभावशाली किसानों को 10 से 15 बोरी खाद दे दी गई है, जिससे छुटभैया किसानों का नंबर ही नहीं आ पाया है।