तेज धूप में मुंह बांधकर जाती महिलाएं।
जिले में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ने से आम जनमानस से लेकर पशु-पक्षी तक की हालत खराब है। अप्रैल माह की शुरुआत से ही हो रही तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है। हालत यह है कि गर्मी का असर दिन के साथ-साथ रात को दिखाई देने लगा है। घर की छतों में लगे पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। बस अड्डे में लोग धूप में बैठकर बसों का इंतजार करने को विवश हैं।
सुबह के आठ बजते ही सूरज आग उगलने लगता है। घर से बाहर जाने वाले लोग गमछा बांध कर बाहर निकलते हैं। महिलाएं भी धूप से बचने के लिए मुंह ढंक कर निकल रही हैं। सोमवार को स्कूली बच्चे व राहगीर आइसक्रीम व गन्ने के रस से प्यास बुझाते दिखाई दिए। वहीं, रोडवेज बस अड्डा में बसों का इंतजार करने वाले मुसाफिरों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। निर्माणाधीन बस अड्डे में मुसाफिरों को बैठने के लिए जगह तक नहीं है।
तेज धूप में फुटपाथ व आसपास की दुकानों के सामने बैठकर लोग बसों का इंतजार करते हैं। मार्गों पर सार्वजनिक नल, हैंडपंप की कमी और प्याऊ न होने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।