फतेहपुर। राशन दुकान की चयन प्रक्रिया पूरी होने और आवंटन के करीब एक माह बाद सदर एसडीएम ने दुकान को महिला आरक्षित बताते हुए आवंटन निरस्त कर दिया। मामले में आवंटित दुकानदार ने शुक्रवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
असोथर ब्लॉक की सरवल ग्राम सभा में राशन दुकान के चयन के लिए अधिकारियों की मौजूदगी में 16 मई को खुली बैठक हुई। इसके बाद 25 मई को दूसरी बैठक में ग्रामीणों से प्रस्ताव लेकर मतदान कराया गया। ग्रामीणों ने गांव निवासी शिवसरन के पुत्र सोमश्वर को निर्विरोध राशन दुकान के लिए चुन लिया। इसके बाद छह जून को सदर एसडीएम ने सोमश्वर को चयन प्रमाणपत्र जारी कर दिया। प्रमाणपत्र मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक अभिलेख जमा किए और राशन उठान के लिए निर्धारित धनराशि भी बैंक में जमा कर दी।
बाद में सदर एसडीएम ने तीन जुलाई को राशन दुकान का आवंटन निरस्त करने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि यह दुकान अनारक्षित वर्ग के क्षैतिज आरक्षण के तहत अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित थी इसलिए पुरुष अभ्यर्थी का चयन नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके साथ ही खंड विकास अधिकारी को दोबारा चयन प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दुकान महिला आरक्षित थी तो खुली बैठक से पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और पुरुष अभ्यर्थी का चयन कैसे कराया गया।
सदर एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से लापरवाही हुई है। शासनादेश देखे बिना बैठक कराई गई जिसके कारण महिला आरक्षित दुकान पर पुरुष का चयन हो गया। जिला पूर्ति निरीक्षक और एआरओ से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।