फोटो-22-गड्ढों में तब्दील रमवां रोड। संवाद
लोधीगंज। शहर से रमवां जाने वाली सड़क पर सफर जोखिम भरा हो गया है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों को हादसों का डर सताता रहता है। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीनों में इस मार्ग पर दो हादसे हो चुके हैं और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट चुकी हैं। कई बार पैचिंग कराने के बावजूद कुछ समय बाद सड़क पर फिर गड्ढे उभर आते हैं। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
लोधीगंज चौराहे से रमवां तक करीब 13 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। योजना के तहत सड़क बनने के बाद पांच साल तक उसके रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार कंपनी की होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गड्ढे होने से छोटे-बड़े वाहनों को आवागमन में परेशानी होती है। खासकर ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को वाहन असंतुलित होकर पलटने का खतरा बना रहता है। लोगों के अनुसार, ठेकेदार की ओर से कई बार गड्ढे भरवाए गए, लेकिन मरम्मत टिकाऊ साबित नहीं हुई। दो-तीन महीने में सड़क की हालत फिर खराब हो जाती है और दोबारा पैचिंग की जरूरत पड़ती है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बारिश से पहले सड़क की मरम्मत कराई जानी चाहिए। इसके बावजूद बार-बार गड्ढे बनने से मरम्मत के तरीके और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता गोविंद यादव ने बताया कि जल्द प्रस्ताव बनाकर गड्ढों की पैचिंग कराई जाएगी।
फोटो-22-गड्ढों में तब्दील रमवां रोड। संवाद