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राजकीय छात्रावास में बीएससी छात्र से रैगिंग

Sat, 16 Jul 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला फतेहपुर
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‌जितेंद्र ‌सिंह - फोटो : अमर उजाला
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राजकीय छात्रावास में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र से रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीनियर छात्रोें ने रैगिंग के दौरान मुर्गा बनाया और जमकर पीटा। इससे छात्र की श्रवण शक्ति कम हो गई है। शुक्रवार को पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस को तहरीर दी है। डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी ने छात्रावास जाकर जांच पड़ताल की।
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हुसैनगंज थाना के जमरावां गांव निवासी कमलेश का बेटा जितेंद्र ठाकुर युगराज सिंह महाविद्यालय का बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है । वह अपने भाई धर्मेंद्र के साथ राजकीय छात्रावास में रहता है। जितेंद्र का आरोप है कि 12 जुलाई की रात कुछ सीनियर छात्रों ने उसे एक कमरे में बुलाया। उन लोगों ने रैगिंग शुरू कर दी। विरोध करने पर पीटा और मुर्गा बनाकर कमरे से बाहर भेजा।

शुक्रवार को उसके पिता छात्रावास पहुंचे तो उसने पूरी घटना बताई। इस पर छात्र के पिता कमलेश ने आबूनगर चौकी में तहरीर दी गई है। चौकी प्रभारी सनुज यादव ने बताया कि तहरीर पर जांच करने गए थे। वहां हॉस्टल अधीक्षक से मुलाकात नहीं हो सकी। समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं। मारपीट होने की बात पुष्टि हुई है। ईएनटी सर्जन से छात्र का मेडिकल कराया गया है। प्रथम दृष्टया रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। रैगिंग की पुष्टि हुई तो आरोपी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जूनियर की बदसूलकी पर सीनियर्स ने पीटा!  - फतेहपुर। राजकीय छात्रावास में छात्र की शिकायत के बाद अफरातफरी का माहौल है। कई गुटों में छात्र बंटे दिखाई पड़े। पुलिस प्रशासन के भी कान खड़े हो गए। वहीं सीनियर्स ने छात्र के लगाए आरोपों को भी झुठलाया है।


हुसैनगंज के जमरावां निवासी जितेंद्र कुमार (बीएससी के छात्र) की ओर से सीनियर्स की शिकायत से हॉस्टल में छात्रों के बीच रैंगिंग की चर्चा जोरों पर रही। हॉस्टल के कुछ सीनियर्स से बातचीत की गई, उनके अनुसार मामला यह है कि जितेंद्र अपने एक साथी संग बुक स्टाल पर गया था, वहां पर बुक स्टाल संचालक से नोकझोंक हो गई थी। बुक स्टाल संचालक ने सीनियर्स से मामले की शिकायत की थी। इसे लेकर ही उन लोगों ने जूनियर जितेंद्र को कमरे बुलाया था।


 सीनियर्स ने उसे समझाने की कोशिश की थी। जवाब में जितेंद्र ने विरोध किया। यह बात सीनियर्स को बुरी लगी और जितेंद्र की पिटाई कर दी। हॉस्टल में सीनियर्स होने पर छात्र को पीटकर समझाने की बात समझ नहीं आती है। दूसरी ओर पीड़ित छात्र के समर्थन में दिखे जूनियर छात्रों का कहना रहा कि कोई बात थी तो उसे हॉस्टल अधीक्षक से शिकायत की जानी चाहिए थी। सीनियर्स ने पीटा ही क्यों? अब मामला पुलिस की जांच तक पहुंच चुका है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा। 

 
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जिले का पहला रैगिंग का मामला- जिले में हॉस्टल और कालेज में रैगिंग किए जाने का पहला मामला उछला है। इस वजह से यह मामला चर्चा में आ चुका है। शैक्षिक और प्रशासनिक दोनों महकमे में इसे लेकर असमंजस की स्थिति है।



छात्र के साथी की भी पिटाई हुई, लेकिन वह चुप- छात्र जितेंद्र कुमार के एक और साथी के साथ भी मारपीट की सीनियर्स ने हॉस्टल में 12 जुलाई को घटना की थी, लेकिन उसने चुप रहने में ही अपनी भलाई सोची होगी। इसी वजह से उसने अपनी जुबां नहीं खोली है।


हॉस्टल में जांच को पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी -  फतेहपुर। डीएम डॉ.वेदपति मिश्र के आदेश पर समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र सिंह व एलआईयू टीम शुक्रवार रात सवा आठ बजे राजकीय छात्रावास पहुंचे। वहां पर हॉस्टल में पीड़ित छात्र जितेंद्र से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कुछ बाहरी लोगों का हॉस्टल में आना जाना हो रहा है। छात्र के साथ मामूली मारपीट हुई है। ईएनटी सर्जन से छात्र की चोट का चेकअप कराया गया है। मारपीट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया यह मारपीट का मामला लगता है, यदि रैगिंग उजागर हुई तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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