जिले में खाद को लेकर मची मारामारी की गूंज शासन स्तर तक पहुंच गई। सोमवार को प्रमुख सचिव कृषि के निर्देश पर तीनों तहसीलों में एक साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 48 खाद की दुकानों में खाद व रजिस्टर की जांच की गई, जिसमें आठ दुकानों से खाद का नमूना भरा गया और चार दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए। जबकि चार दुकानदारों को चेतावनी दी गई है।
कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि शासन की मंशानुरूप खाद की दुकानों में छापेमारी की गई, जिसमें खागा तहसील में कृषि अधिकारी, सदर में उपकृषि निदेशक जीएस कटियार और बिंदकी में भूमि संरक्षण अधिकारी राजकुमार ने नेतृत्व में छापेमारी की गई।
इसमें खागा तहसील के दो व बिंदकी तहसील के दो दुकानदारों के खाद के लाइसेंस निरस्त किए गए। वहीं चार दुकानदारों को चेतावनी दी गई।
इस दौरान उपकृषि निदेशक ने पक्का तालाब में किसानों को निर्धारित दाम में खाद दिलाई। वहीं किशनपुर कस्बा में कृषि अधिकारी ने किसानों को निर्धारित दाम पर खाद दिलाई।
बिंदकी में तहसीलदार दूधनाथ यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने खजुहा कस्बे में खाद ट्रेडर्स व केशन लाल के यहां छापा डालकर खाद का सैंपल भरा गया।
इस छापेमारी कार्रवाई की जानकारी कस्बे में फैलते ही मिलावटी कारोबार करने वाले दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया और वह अपनी दुकानें बंद कर इधर उधर हो गए।
तहसीलदार ने बताया कि टीम ने कुंवरपुर की दो, दरवेशाबाद में एक व बिंदकी में सात खाद विक्रेताओं की दुकानों में छापे मारकर सैंपल भरा है।