कचहरी में सुरक्षा के अभाव में बंदियाें को पेशी पर ले जाती पुलिस।
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कुख्यात फैजान के भागने की वारदात के पीछे रायबरेली पुलिस की लापरवाही सामने आई है। कुख्यात को आम कैदियों की तरह ही पुलिस ने माना था। इसी वजह से उसे पेशी पर दो सिपाहियों के साथ भेजा गया था। जबकि ऐसे अपराधियों को पुलिस स्पेशल कस्टडी पर लेकर आती और जाती है।
बता दें सदर कोतवाली क्षेत्र के सनगांव निवासी फैजान को रायबरेली पुलिस के जवान संतोष शुक्ला और धर्मेंद्र गुप्ता पेशी पर लेकर आए थे। लखनऊ बाईपास चौराहे से ढाबे से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर वह भाग निकला था। यह पुलिस की बड़ी चूक रही है। करीब 14 संगीन वारदातों को फैजान ने अंजाम दिया था। सजायाफ्ता होने के साथ कचहरी से पहले भी भाग चुका था। इतने के बाद भी रायबरेली पुलिस प्रशासन फै जान की पेशी को लेकर जरा भी चौकन्ना नहीं था। स्पेशल कस्टडी तो दूर की बात रही,ड्यूटी पर वही सिपाही लगाए जाते थे जो उसे लेकर पहले भी पेशी पर आते जाते थे।
इधर, पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव ने क्राइम ब्रांच, कोतवाली समेत तीन एसओ की टीम आरोपी की तलाश के लिए गठित की हैं। टीमों ने आरोपी के घर सनगांव व रिश्तेदारों बकंधा, सादीपुर, धाता, चांदपुर में छापेमारी की है। पुलिस टीम क चहरी परिसर के सीसी कै मरे खंगालने पहुंची। कैमरों में भीड़ के कारण कुछ खास नहीं मिला। पुलिस को कुछ लोगों से मुलाकात करने की बात जरूर स्पष्ट हुई है। एसपी ने शराब पीने और मीट खाने के चक्कर में सिपाहियों के लापरवाही बरते जाने के कारण ही फैजान के भाग जाने की रायबरेली एसपी को रिपोर्ट भेजी है। वहीं कोतवाली में दोनों सिपाहियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।