नहर कालोनी में बैठक करते निशक्तजन
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जिले में नि:शक्तजनों के लिए बने अतिथि गृह में खनन विभाग का दफ्तर चल रहा है। ऐसे में दूरदराज से चलकर जिला मुख्यालय सरकारी कामकाज से आने वाले नि:शक्तों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसा कई साल से है लेकिन कई बार मांग के बावजूद अफसर बेफिक्र हैं।
बता दें कि पूर्व राज्यसभा सांसद खान गुफरान जाहिदी ने इस खास अतिथि गृह का निर्माण अपनी निधि से कराया था। मकसद था कि नि:शक्तों को इसका लाभ दिलाना ताकि रात होने पर वह इसमें ठहर भी सकें। उन्हें रात बिताने के लिए सरकारी बस स्टॉप या फिर रेलवे स्टेशन में न भटकना पड़े। ऐसा कुछ ही महीने हो सका। अब तो हकीकत यह है कि अतिथि गृह पर कभी भी निशक्त आराम करते या फिर नींद की झपकी लेते नहीं देखे गए। पूर्व शिक्षामंत्री व सपा नेता अमरजीत सिंह जनसेवक ने भी इसे खाली कराए जाने का आश्वासन दिया था। वह विकलांग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। ऐसे में नि:शक्त यह मानकर चल रहे थे कि उनकी एक न एक दिन तो जरूर सुनी जाएगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जनसेवक की मांग भी जिला प्रशासन ने रद्दी की टोकरी में डाल दी। सोमवार को एक बार फिर अमर शहीद चंद्रशेखर कल्याण सहायता समिति ने इस मामले में आवाज उठाई। समिति के प्रबंधक जितेंद्र मिश्र अष्टावक्र ने कहा कि नि:शक्तों के अतिथि गृह पर खनन का दफ्तर चल रहा है। जिससे नि:शक्तजन इस सुविधा से वंचित हैं। इस मामले में डीएम डॉ. वेदपति मिश्र ने पूछताछ कर हस्तक्षेप करने की बात कही है।
फतेहपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद विकलांग कल्याण समिति ने सोमवार को ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की कामना की। दो मिनट का मौन रखकर पुखरायां के पास हुए रेल हादसे की दोबारा पुनरावृत्ति न होने की दुआएं मांगी। साथ ही विकलांग बंधु की बैठक का समय तय किए जाने की मांग की। कहा कि निशक्तजनों को सरकारी योजनाओं को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अमर सिंह, लवकुश सिंह, नरेंद्र सिंह, लाल मोहम्मद, चंद्रभान सिंह, बेनू देवी, रचना दुबे भी मौजूद थी।