फोटो-12- जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए लाइन में खड़े कोल्ड एलर्जी के मरीज। संवाद
- रोजाना 60 से अधिक मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल, ठंड से बचने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बदलते मौसम में सांस व दमा पीड़ित मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ गईं हैं। तेज ठंड में तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव से ऐसे मरीजों में कोल्ड एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है। इन दिनों जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में रोजाना 60 से अधिक मरीज कोल्ड एलर्जी से ग्रसित आ रहे हैं।
इन दिनों तेज हवा के साथ धूप निकलने से लोगों को ठंड का एहसास अपेक्षाकृत कम हो रहा है। राहत के लिए लोग गर्म कपड़े भी तत्काल उतार देते हैं, लेकिन यही राहत संक्रमण के साथ बीमारी का कारण भी बन रही है। धीरे-धीरे यह ठंड लोगों के शरीर पर विपरीत असर छोड़ रही है।
लोगों में प्रतिरक्षा सीमा में भी कमी हो रही है। इसी कारण लोग कोल्ड एलर्जी से ग्रसित हो रहे हैं। कोल्ड एलर्जी के कारण लोगों के पेट और सीने में दर्द बना रहता है और सांस लेने में भी तकलीफ होती है।
लकवा से भी ग्रसित हो रहे मरीज
ठंड में कोल्ड एलर्जी के साथ लोग लकवा से ग्रसित हो रहे हैं। पुरानी बिंदकी निवासी विजय सिंह चंदेल (72) 16 जनवरी को खाना खाते समय अचानक गिर गए। अस्पताल में ब्लड प्रेशर हाई की शिकायत बताई गई। बाएं अंग में लकवा मार गया। उनका इलाज जारी है। इस मोहल्ले के निवासी गणेश प्रसाद तिवारी (88) 3 फरवरी को शाम घर के बाहर कुर्सी में बैठते समय जमीन पर गिर गए। उनको अस्पताल ले जाया गया, वहां ब्लड प्रेशर हाई की शिकायत बताई गई। उनके दाहिने हिस्से में लकवा मार गया। दोनों का उपचार जारी है।
इन उपायों का करें इस्तेमाल
- गर्म पानी पिएं। गर्म खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करें। पूरी आस्तीन के गर्म कपड़े पहनेें। ठंडे और बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। कोल्ड एलर्जी होने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।
कोट्स
- लोग यह न समझें कि अभी ठंड समाप्त हो गई है। अभी भी गर्म कपड़े पहनें और पूरा शरीर ढक कर रखें। बच्चे और बुजुर्ग छह लेयर में कपड़े पहनें। धूप निकलने के बाद वाकिंग को निकलें। हार्ट मरीज ज्यादा ख्याल रखें।- डॉ. आरबी सिंह, फिजिशियन, जिला अस्पताल