आईटीआई रोड स्थित सब्जी मंडी से नए ठिकाने टीन ले जाते आढ़ती
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शहर के आईटीआई रोड में सालों संचालित रहीं सब्जी की आढ़त चलाने वाले कारोबारी अब शनिवार से नए ठिकाने पर बसने जा रहे हैं। इसके लिए कई दिन से सामान समेटने का काम चल रहा है। हालांकि पल्लेदारों के नोट के फेर में आढ़त में बोरे उठाने के बजाय बैंक और डाकखाना की ओर मुखातिब होने से सामान समेटने की रफ्तार काफी सुस्त है। आढ़त में आलू और प्याज के बड़े बड़े ढेर जमा हैं। ऐसी दशा में नियत तारीख में सभी आढ़तियों का यहां से शिफ्ट होना मुमकिन नहीं दिखता है।
बता दें कि इस सब्जी आढ़त से न केवल लोकल स्तर पर माल खपता रहा है बल्कि बुंदेलखंड के साथ मध्य प्रदेश तक माल भेजा जाता रहा है। पांच सौ और हजार के नोट चलन से बाहर होने के बाद यह आढ़त डंप माल से निजात नहीं पा रही है। आलू और प्याज के आढ़त में ढेर लगे हैं। आढ़ती राकेश कुमार कहते हैं कि हर रोज करीब 1000 से 1200 बोरी आलू का टर्नओवर रहा है। प्याज की भी रोजाना 500 से 600 बोरी खपत होती रही है। नोट प्रकरण के चलते आलू प्याज की उठान बंद हो गई है। आढ़ती इस्लाम मोहम्मद कहते हैं कि बाजार पटरी से उतर चुका है। उठान का काम बंद होने से मंडी के लेबर भी बैंक और डाकखाना की लाइन पर लगे हैं। आढ़ती इस्लाम मोहम्मद का भी यही कहना है। इनकी माने तो अगर 10 पल्लेदार की जरूरत है तो मिल रहे हैं बमुश्किल पांच। जिससे आढ़त का अभी तक आधा भी माल नए ठिकाने नहीं पहुंचाया जा सका है। जो हालत बन पड़े हैं उससे निपटने में कई दिन लग सकते हैं।
फतेहपुर। भिटौरा बाईपास के पास शनिवार से चालू होने वाली सब्जी आढ़त के लिए आवंटित हुई दुकानों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। नए ठिकाने पर 150 आढ़तियों को दुकानें बनीं हैं। आईटीआई रोड की आढ़त में 32 आढ़ती हैं। कुल शहर के आढ़तियों की लाइसेंसी संख्या 52 है। कई आढ़तियों का कहना है कि लाटरी सिस्टम से दुकानें अलाट किया जाना था। ऐसा नहीं किया गया। एक खास वर्ग को सामने की दुकानें अलाट की गई है। जान पहचान के लोगों को नए ठिकाने पर लाने का खेल हुआ है। इससे विरोध की संभावना भी जताई जा रही है।