परमार्थ प्रेरणा समिति का 11वां धर्म संस्कार महोत्सव एवं श्रीविष्णु महायज्ञ 22 नवंबर से शुरू होगा। आठ दिवसीय यह कार्यक्रम ब्रम्हदेव आश्रम बुढ़वां अमौली में होगा। कार्यक्रम का समापन 29 नवंबर को सर्व जातीय सामूहिक विवाह समारोह के साथ होगा। इस दौरान 11 जोड़ों का विवाह होगा।
महोत्सव 22 नवंबर को राधाकृष्ण मेले से शुरू होगा। दूसरे दिन 23 को मेला परिसर में ही कंस वध की लीला का मंचन होगा। 24 को उग्रसेन के राजतिलक रहसलीला का मंचन होगा। 25 नवंबर को कलश यात्रा और सामूहिक मुंडन संस्कार का आयोजन होगा। 26 नवंबर को याज्ञिक कार्य और कर्णभेदन संस्कार होंगे।
27 को याज्ञिक कार्य और यज्ञोपवीत संस्कार के आयोजन होंगे। 28 नवंबर को याज्ञिक कार्य और अन्न प्रासन्न संस्कार के कार्यक्रम होंगे। अंतिम दिन सर्व जातीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होगा।
समिति के विमलेश त्रिवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न साधु संतों के साथ जनप्रतिनिधि भी आमंत्रित किए गए हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वालों को मास्क लगाने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। बताया कि मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।