देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर का महा शिवरात्रि पर्व 17 फरवरी को है। इसको लेकर शिवालयों में सजावट का काम शुरू हो गया है। कांवरिये गंगाघाटों से गंगाजल लाकर शिव जी का जलाभिषेक करेंगे। भक्तों में भोले नाथ को प्रसन्न करने के लिए बेताबी है।
महाशिवरात्रि पर्व में शहर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर में हजारों की संख्या में भक्त पहुंचकर भोले बाबा को प्रसन्न करते हैं।
एक लोटा जल और पांच बेल पत्र अर्पित करने से भोले बाबा प्रसन्न हो जाते हैं। यहां लगने वाले मेले में भी जबरदस्त भीड़ रहती है। मेले की तैयारी के चलते दुकानें सजने लगी हैं।
तांबेश्वर मंदिर को जाने वाले अलग अलग मार्गों में साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पालिका प्रशासन से कवायद शुरू कर दी है।
चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी के निर्देश पर सफाई निरीक्षक आबिद अली और सफाई प्रभारी मोहम्मद हबीब ने सुबह से टीम लगाकर साफ सफाई कराई।
सफाई निरीक्षक ने बताया कि सफाई व्यवस्था दुरु स्त कर दी गई है। मंदिर को जाने वाले मार्गों के दोनो ओर चूने का छिड़काव कराया जाएगा।
इनसेट --
- शहर में स्थित सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर
- असोथर क्षेत्र के बुधरामऊ स्थित जागेश्वर धाम
- चांदपुर स्थित गूढ़ेश्वर धाम
- असोथर स्थित मोटे महादेवन मंदिर
- कीर्तिखेड़ा स्थित थवईश्वर धाम
- बिंदकी स्थित डूडेश्वर धाम
- बकेवर स्थित किलेश्वर धाम
- ओमघाट भिटौरा स्थित बलखंडी शिव मंदिर
- गाजीपुर क्षेत्र के चुरियानी गांव स्थित रूरेश्वर धाम
- लालपुर स्थित सिद्धेश्वर धाम
- खागा तहसील के मझिल गांव स्थित कूंडेश्वर धाम