आंधी ने शनिवार रात फिर सब कुछ अस्तव्यस्त कर दिया। कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिजली के खंभे। इससे पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। आईटीआई रोड पर खंभा टूटने व सादीपुर में खंभा झुकने से शाम तक सप्लाई बहाल नहीं की जा सकी। उपकेंद्र के कर्मचारी दिनभर फाल्ट सही करने में लगे रहे। बिजली सप्लाई बंद होने से शहर में पानी की किल्लत बढ़ गई। सुबह से लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
रात दो बजे आंधी आई। आईटीआई रोड पर यूकेलिप्टस का पेड़ टूटकर बिजली के तार पर जा गिरा। इससे बिजली के दो खंभे टूट गए। इससे आईटीआई रोड समेत उत्तरी और दक्षिणी गौतम नगर की बिजली सप्लाई बंद हो गई। सुबह होते ही कर्मचारी फाल्ट सही करने में जुट गए। टूटे तार से पेड़ की लकड़ी हटाने में जुटे रहे।
सादीपुर मोहल्ला के स्टेशन रोड पर बिजली के दो खंभे झुक गए। इससे पीडब्लूडी कालोनी, नहर कालोनी, सिंधी भट्ठा कालोनी, रेलवे कालोनी की बिजली आपूर्ति फेल हो गई। बिजली व्यवस्था चरमराने से शहर की जलापूर्ति बेपटरी हो गई है। कलक्टरगंज, सादीपुर, जयराम नगर, चंदियाना, पक्का तालाब में पानी की समस्या से लोग जूझते रहे। लोग पूरे दिन पानी का इंतजार करते रहे।
ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमराई- फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों में तो पहले की आंधी से ही बिजली सप्लाई बाधित है। हाईटेंशन लाइन का फाल्ट सही करने में उपकेंद्र के कर्मचारी नाकाम है। थरियांव, किशनपुर, खखरेरु, हुसैनगंज, असोथर उपकेंद्र के कई फीडरों में अभी 11 हजार की हाईटेंशन लाइन का फाल्ट सही नहीं हुआ है।
चंदापुर गांव के सत्यप्रकाश, रमेश कुमार ने बताया कि किशनपुर उपकेंद्र का चंदापुर फीडर में एक सप्ताह से बिजली नहीं आ रही है। घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बन गए हैं। उपकेंद्र के जेई व कर्मचारियों की लापरवाही से अभी तक सही नहीं हुआ है। मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे है। इससे लोगों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
कोट: ‘आंधी से बिजली सप्लाई बाधित हुई है। एसडीओ व उपकेंद्र के जेई को तत्काल फॉल्ट सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के सभी मुहल्लों में जल्द ही आपूर्ति बहाल हो जाएगी।’ - आरएन सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड