चौडगरा। मलवां ब्लॉक की ग्रामपंचायत हरदौरपुर में प्रधान पर पंचायत सचिव और पति के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कई कार्यों के नाम फर्जी भुगतान निकालने का आरोप है। शिकायत पर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर महीने भर में जांच रिपोर्ट मांगी है।
शिकायतकर्ता जितेंद्र सिंह का आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 में बिना काम कराए फर्जी भुगतान निकाला गया है। इसमें करीब दस लाख रुपये का घोटाला किया गया है। जिलाधिकारी से की शिकायत की गई है। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। टीम एक महीने में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
ग्राम प्रधान पर आरोप है कि ऑडिट के नाम पर 50 हजार रुपये का भुगतान निकाला गया है। पंचायत भवन में मिट्टी पुराई के नाम पर एक लाख का भुगतान ज्ञान प्रकाश के नाम पर किया गया है। प्राइमरी स्कूल में नाली निर्माण के लिए मजदूरी का 7073 रुपये निकाला गया है, जबकि नाली निर्माण कार्यकाल के पहले का है।
हैंडपंप मरम्मत के लिए 13500 का भुगतान मिस्त्री की जगह प्रधान पति ने अपने नाम कराया है। पंचायत भवन के सुंदरीकरण के नाम पर धनराशि निकाली गई है, जबकि सुंदरीकरण नहीं हुआ है। प्ले ग्राउंड में खेल उपकरण के लिए एक ही सामान का दो बार भुगतान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामपंचायत की साफ सफाई के लिए भुगतान किया गया है। इस तरह से प्रधान व पंचायत सचिव पर तीन वित्तीय वर्षों में 31 बिंदुओं पर गबन का आरोप लगाया गया है। प्रधान प्रिंसी सिंह के पति सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि राजनीतिक खुन्नस से आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी के सामने आरोपों के जवाब दिए जाएंगे। खंड विकास अधिकारी मलवां कोमल सिंह ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। आरोप सही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।