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मंडी में ठिठका आलू का भाव, किसान चिंतित

Fri, 07 Dec 2018 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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potato crop in cold stroge - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 आलू की खेती करने वाले किसानों को स्टोर में आलू का भंडारण करना इस बार भी घाटे का सौदा साबित हुआ। मंडी में आलू बेचने के बाद स्टोर का किराया जमा करने के लिए भी रकम नहीं निकल पा रही है। इससे किसानों ने स्टोर से आलू निकालना बंद कर दिया है। वहीं आलू के भाव गिरने से अगेती आलू की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में उनका भी बीज, खाद, सिंचाई व मजदूरों का खर्च निकालना मुश्किल होगा।  
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सब्जी मंडियों में आलू की बिक्री ठिठकने से रेट एकदम से गिर गए हैं। कोल्ड स्टोरेज के आलू का भाव 350 से 400 रुपये क्विंटल है। इसमें किसानों को 150 से 175 रुपये प्रति बोरी की दर से भाड़ा, पल्लेदारी का खर्च स्टोर में जमा करना पड़ रहा है। साथ में आलू भरने के लिए बाजार से 25 रुपये की दर से बोरी की खरीदना पड़ा है। इसके अलावा किसानों ने आलू को खेत से स्टोर तक पहुंचाने का भाड़ा भी खर्च किया है। बता दें कि किसानों को आलू जमा कराने के लिए जिले में 16 कोल्ड स्टोर हैं। इसमें एक लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू का भंडारण हुआ था। 31 अक्तूबर से स्टोर मालिकों ने जनरेटर व मशीनों को बंद करा दिया है। अभी भी इन स्टोरों में करीब 80 हजार बोरी आलू जमा है। आलू निकासी कराने के लिए स्टोर मालिकों ने किसानों को नोटिस व मोबाइल से सूचना भेजी है। पर, किसान दाम न निकलने की वजह से आलू को निकाल नहीं रहे हैं। वहीं अगेती आलू की खेती करने वाले किसानों को गिरते भाव ने परेशानी में डाल रखा है। सब्जी मंडी में नया आलू 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। अगेती आलू की बुआई में किसानों ने सात सौ रुपये प्रति बोरी का बीज खरीदा है। एक बीघा में 7000 रुपये का बीज और 10 हजार रुपये खाद, जोताई, सिंचाई और मजदूरों में खर्च आता है।  
 
  
आढ़ती 350 रुपये क्विंटल की दर से आलू मांग रहे हैं
नयापुरवा गांव के किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि राधानगर के साधु कोल्ड स्टोरेज में आलू जमा किए हैं। कुछ आलू को पहले बेच कर खाद, बीज खरीदे और फसलों की बुआई करने लगे। शेष आलू को बेचने स्टोरेज आए तो व्यापारी 350 रुपये क्विंटल की दर से आलू मांग रहे हैं। इसमें स्टोर का भाड़ा भी नहीं जमा हो पाएगा।  
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अब कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा भी नहीं निकल रहा
भरसवां गांव के किसान रामकुमार ने बताया कि पिछले साल आलू में घाटा उठाना पड़ा है। इस बार दीपावली के पहले आलू का भाव देकर लग रहा था कि पिछले साल के नुकसान की भरपाई हो जाएगी। अचानक आलू का भाव गिरने से अब कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा नहीं निकल रहा है।  
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आलू के दाम एकदम से कम हो गए हैं
मुराइन टोला निवासी किसान दुर्बल सिंह ने बताया कि दुकान से उधार खाद लेकर आलू व गेहूं की बुआई की है। आलू बेचने के बाद दुकानदार को रुपया देने का वादा किए थे। आलू के दाम एकदम से कम हो गए हैं। इससे दुकानदार की उधारी अब नहीं चुका पाएंगे। अगली फसल तैयार होने के बाद ही रुपया अदा कर पाएंगे।  
 
 
आढ़ती बाद में रुपये देने के लिए कह रहा
धमिना गांव निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले स्टोर से आलू बेचे हैं। व्यापारी रुपया नहीं दे रहा है। रुपया मांगने पर कहता है घाटा लग गया है। बाद में देंगे। गेहूं का बीज और खाद जिस दुकानदार से लिए हैं। वह अब रुपया मांग रहा है। उसको देने के लिए रुपया नहीं है।  

 
शंकर बरदानी कोल्ड स्टोर प्रबंधक मनीष कुमार तिवारी उर्फ रिंकू तिवारी ने बताया कि बहरामपुर व बिलंदा कोल्ड स्टोर में करीब पांच-पांच हजार बोरी आलू है। किसान निकालने नहीं आ रहे हैं। किसानों को मोबाइल से सूचना भेजी जा चुकी है। 15 दिसंबर से स्टोर की सफाई शुरू करा दी जाएगी। जो आलू स्टोर में जमा है, उसको बाहर फेंक दिया जाएगा।  
 
 
उद्यान विभाग के योजना प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि जिले में साढ़े नौ हजार हेक्टेयर में किसानों ने आलू की बुआई की है। इसमें करीब दो लाख दो हजार 635 मीट्रिक टन आलू उत्पादन की संभावना है। जिन किसानों ने अगेती आलू की फसल बोई है, वह दिसंबर के अंतिम पखवारे में आलू की खुदाई करें। स्टोर का आलू खत्म होने के बाद रेट बढ़ने की संभावना है। 
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